आगरा। दहेज उत्पीड़न, हत्या व अन्य आरोपों के मामले में सुनवाई के दौरान अदालत में मृतका की मां ने कहा कि पुत्री ने पिता की मौत से आहत होकर आत्महत्या की थी। अन्य गवाहों ने भी घटना का समर्थन नहीं किया। एडीजे-22 बी नरायण ने साक्ष्य के अभाव में थाना बाह क्षेत्र के गांव क्योरी निवासी मृतका के पति राहुल और सास राखी को बरी करने का आदेश दिया है।
थाना बाह में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार थाना जैतपुर क्षेत्र के गांव बिलूपुरा निवासी सोन देवी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2019 में उन्होंने पुत्री दिव्या की शादी आरोपी राहुल से की थी। पति राहुल, सास राखी और अन्य ससुराल वाले दहेज से खुश नहीं हुए। अतिरिक्त दहेज के लिए पुत्री का उत्पीड़न करते थे। इस बीच पुत्री ने दो बच्चों को जन्म दिया। वर्ष 2022 में वादिनी के पति योगेंद्र कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। उन्हें किसान बीमा के तहत 5 लाख रुपये मिले थे। पुत्री के ससुराल वाले 2.50 लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाने लगे। विरोध पर 8 जून 2023 को पुत्री की हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में पीड़िता सहित 9 गवाह पेश किए गए। पीड़िता अपने पूर्व बयानों से मुकर गई। कहा कि उनकी पुत्री अपने पिता से बहुत स्नेह करती थी। उनकी मौत के बाद से वह परेशान थी, जिस वजह से उसने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।