मैनपुरी। फिरोजाबाद के थाना जसराना के दिहुली सामूहिक हत्याकांड के मुकदमे में मंगलवार को अंतिम बहस होने की उम्मीद है। इसके बाद फैसले की तारीख तय होगी। 44 साल पुराने इस मुकदमे की सुनवाई हाईकोर्ट के आदेश पर एडीजे विशेष डकैती कोर्ट में हो रही है। इस मुकदमे में सुनवाई के दौरान प्रयागराज में अपर जिला जज के न्यायालय में गवाही पूरी होने के बाद यहां केस ट्रांसफर किया गया था।
थाना जसराना क्षेत्र के गांव दिहुली के रहने वाले अनुसूचित जाति के 25 लोगों की 18 नवंबर 1981 को बदमाशों के एक गिरोह ने गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
इस मुकदमे की अपर जिला जज कोर्ट नंबर 21 जिला न्यायालय प्रयागराज में सुनवाई के दौरान गवाही पूरी हुई। गवाही के बाद अब इस मुकदमे में बहस के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर इसे सुनवाई के लिए मैनपुरी भेजा गया था।
बता दें कि सामूहिक नरसंहार में बच्चों और महिलाओं सहित 24 लोग मौके पर मारे गए थे। एक घायल की उपचार के दौरान फिरोजाबाद के अस्पताल में मौत हो गई थी। बदमाशों ने हत्या करने के बाद लूटपाट भी की थी। रिपोर्ट दिहुली के लायक सिंह ने 19 नवंबर 1981 को थाना जसराना में दर्ज कराई थी। थाना जसराना में दो महिलाओं सहित 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी रविंद्र सिंह और रामपाल सिंह जमानत पर हैं। वहीं, रामसेवक मैनपुरी जेल में बंद है।