बाह: शाहपुर गुर्जर गांव के तालाब से रेस्क्यू किए गये मगरमच्छ को छोड़े जाने की तस्वीरें
बाह। जैतपुर के शाहपुर गुर्जर गांव के तालाब में मौजूद मगरमच्छ को छह दिन बाद बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू कर लिया। शाहपुर गुर्जर गांव और परिषदीय स्कूल के पास के तालाब में 10 जुलाई को मगरमच्छ दिखा था। मगरमच्छ की दहशत ने गांव के लोगों का दिन का चैन और रात की नींद छीन ली थी।
जैतपुर के बीडीओ नीरज तिवारी ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए 3 दिन में तालाब खाली कराया। 14 जुलाई को मगरमच्छ को पकड़ने के लिए कीठम की रेस्क्यू टीम ने जाल लगाया था। कामयाबी न मिलने पर टीम लौट गई थी। जैतपुर रेंज की टीम तालाब पर डेरा डाले थी। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तालाब में मगरमच्छ दिखा, तो ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेस्क्यू के दौरान कई बार मरगमच्छ हमलावर हुआ, वनकर्मी बाल बाल बचे। आखिरकार करीब 3 घंटे में मगरमच्छ को रेस्क्यू करने में वन दरोगा धीरेंद्र सिंह, वन रक्षक योगेश कुमार, कमल सिंह, अनुज की टीम को कामयाबी मिली। जैतपुर के रेंजर राजवीर सिंह सेंगर ने बताया कि मगरमच्छ को रेस्क्यू कर लिया है। ग्रामीणों की मदद से कामयाबी मिली है। शाहपुर गुर्जर गांव के बलवीर सिंह, रविंद्र सिंह, शेर सिंह, गोलू, सुशील, बबलू ने बताया कि मगरमच्छ के हमले की दहशत के चलते बच्चे स्कूल जाने में डरने लगे थे।
बांधे हुए कपड़े को चबा गया मगरमच्छ
वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को लकड़ी के सहारे रस्सी से बांध कर गाड़ी में रखा। नदी किनारे के प्राकृतिक रहवास स्थल तक ले जाकर सुरक्षित छोड़ा। रेंजर राजवीर सिंह सेंगर ने बताया मगरमच्छ को रस्से काटकर आजाद किया। इस दौरान मगरमच्छ ने कई बार हमले का प्रयास किया। मुंह से बंधे कपड़े को भी मगरमच्छ चबा गया। कपड़े को बमुश्किल छुरी से काट कर अलग किया गया।