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Agra News: अदालत ने नहीं मानी पुलिस की कहानी, रिटायर्ड दरोगा सहित सभी आरोपियों को दी जमानत

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आगरा। तीन दरोगाओं और दो सिपाहियों को बंधक बनाकर पीटने के आरोप की कहानी अदालत ने नहीं मानी और आरोपी रिटायर्ड दरोगा समेत सभी आरोपियों को जमानत दे दी। अदालत ने पाया कि विवेचक ने आरोपियों को हिरासत में लेने के 24 घंटे बाद अदालत में पेश नहीं किया। बीएनएस की धारा 58 का भी पालन नहीं किया। रिमांड मजिस्ट्रेट मो. साजिद ने 20-20 हजार रुपये के बंधपत्र प्रस्तुत करने पर आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी। साथ ही विवेचक को जांच में लापरवाही बरतने व मामला अवमानना के तहत कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट को भेजने के संबंध में तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
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थाना मलपुरा में दर्ज केस के अनुसार दरोगा कपिल शर्मा ने अजीजपुर निवासी रिटायर्ड दरोगा राम आर्या, उनकी बहन ममता, पुत्री सुमन, सीमा और बेटा संजय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि रविवार दोपहर वह एसआई अनीता कश्यप, एसआई सलोनी चाैहान, हेड कांस्टेबल साधना यादव और वीरेश कुमार के साथ नोटिस तामील कराने गए। रिटायर्ड दरोगा ने उन्हें अपने घर में बंधक बना लिया। उसकी बेटियों ने कमरे में ताला लगा दिया। उसने अपने आरोपी दो बेटों को घर से भगा दिया। इसके बाद टीम से मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी को सूचना दी। फोर्स के साथ पहुंचे प्रभारी निरीक्षक ने पड़ोसियों की मदद से घर में प्रवेश कर टीम को मुक्त कराया। रिमांड मजिस्ट्रेट मौ साजिद ने विवेचना में लापरवाही बरतने, घायलों का साधारण मेडिकल होने के साथ हिरासत में लेने के 24 घंटे बाद अदालत में पेश करने पर आरोपी अजीजपुर निवासी रिटायर्ड दरोगा राम आर्या, उनकी बहन ममता, पुत्री सुमन और बेटा संजय को जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए। साथ ही विवेचक को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देना होगा कि क्यों न मामला अवमानना के लिए उच्च न्यायालय भेजा जाए। संवाद
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