आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। पिछले वर्ष जिन कॉलेजों को सामूहिक नकल के आरोप साबित होने के बाद डिबार घोषित किया गया था, उन्हीं में से दो कॉलेजों को इस सत्र में परीक्षा केंद्र घोषित कर दिया गया है। इसी पर छात्र संगठनों ने विरोध किया है।
समाजवादी छात्र सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों की घोषणा में पारदर्शिता का ख्याल नहीं रखा। पिछले वर्ष कई कॉलेजों में नकल पकड़ी गई थी और विश्वविद्यालय ने उन केंद्रों को डिबार कर दिया था। इसके बाद भी वही केंद्र बना दिए गए। निर्वेश के मुताबिक श्री सुरेश चंद्र सिंघल मेमोरियल महाविद्यालय, जहां पिछले वर्ष नकल पकड़े जाने के बाद परीक्षाएं श्री सुरेश चंद्र शर्मा डिग्री कॉलेज, जगनेर में कराई गई थीं। सरदार पटेल एजुकेशनल कॉलेज, खेरागढ़, जिसकी परीक्षाएं कार्रवाई के बाद किरोरी लाल शास्त्री महाविद्यालय, जगनेर शिफ्ट की गई थीं। ये दोनों ही कॉलेज इस बार परीक्षा केंद्र घोषित किए गए हैं। अगर इस तरह से कार्रवाई होगी तो अन्य केंद्र भी व्यवस्थाएं लचर रखेंगे। वहीं, विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता नितिन दुबे ने बताया कि जब विश्वविद्यालय खुद जांच कर इन केंद्रों को दोषी मान चुका था, तो परीक्षा समिति की बैठक में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि ऐसे संस्थानों को इस वर्ष केंद्र के रूप में शामिल न किया जाए। इसके बावजूद उन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र घोषित कर दिया गया।
हाल ही में हुए चार केंद्र रद्द
हाल ही में विवि प्रशासन ने विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान सामूहिक नकल पकड़े जाने पर आगरा के तीन और मथुरा के एक परीक्षा केंद्र को निरस्त कर काली सूची में डाला है। सचल दल और नियंत्रण कक्ष की निगरानी में इन केंद्रों पर सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। अब इन कॉलेजों के परीक्षार्थियों की परीक्षाएं नए केंद्रों पर कराई जा रही हैं।
सीसीटीवी कैमरा की रिपोर्ट सभी कॉलेज से मांगी जा रही है। वहीं पूर्व में पकड़े गए नकल में लिप्त कॉलेजों की जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों को घोषित किया गया है। वर्तमान में जिन भी केंद्रों पर नकल पकड़ी जा रही है उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक