आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझना है तो संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की देशभक्ति को याद करना होगा। देश की आजादी के लिए वह क्रांतिकारी बने। समाज को स्वतंत्रता के पश्चात क्या दिशा देनी है, यह चिंतन किया। संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, यह संगठन का उत्सव नहीं बल्कि समाज की एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। ये बातें संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कही।
वह ललित कला संस्थान के संस्कृति भवन स्थित सभागार में जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। गोष्ठी में महानगर के अनेक प्रमुख व्यवसायी, शिक्षाविद, चिकित्सक, अधिवक्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, आर्थिक, धार्मिक व क्रीड़ा क्षेत्र से जुड़े लोग, साहित्यकार, सामाजिक प्रमुख, मातृशक्ति एवं इन्फ्लूएंसर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संघ के विविध क्षेत्रों में चल रहे सामाजिक, शैक्षणिक, सेवा एवं राष्ट्रीय जागरण के कार्यों की जानकारी भी दी गई। अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले, अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र, अखिल भारतीय गो-सेवा संयोजक अजीत महापात्र संस्कार भारती से बांके लाल एवं अन्य प्रांत व क्षेत्र के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन सुनील कुमार और प्रमोद चौहान ने किया।