आगरा। महज 15 दिनों में सेंट जोंस चौराहे और बोदला-सिकंदरा रोड पर दो यूनीपोल कारों पर गिर चुके हैं। तेज हवाओं में तिनके की तरह से उड़े यूनीपोल शहर के लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं, लेकिन कागजों पर यह बेहद मजबूत हैं। बोदला-सिकंदरा रोड पर जो यूनीपोल गिरा, उसके 9 में से 5 बोल्ट पूरी तरह से गल चुके थे। यूनीपोल गिरने के कारण 6 इंच लंबे बोल्ट उखड़ गए। जिस बेस पर यह फिट किए गए, वह जंग के कारण गायब हो चुका है। इसकी तरह से अन्य यूनीपोल भी हैं, जिनके बोल्ट खुले हैं और बेस गल चुका है।
शहर की सड़कों पर 821 यूनीपोल, रूफटॉप होर्डिंग और पेंसिल पोल लगे हुए हैं। इसके अलावा अवैध होर्डिंग और यूनीपोल की भरमार है, जो नगर निगम में दर्ज नहीं हैं। बीते 15 दिनों में एमजी रोड और बोदला-सिकंदरा रोड पर दो यूनीपोल चलती हुई कारों पर गिर चुके हैं। इनमें तीन कारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। गनीमत रही कि लोग बाल-बाल इन हादसों में बच गए। इन हादसों पर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। दरअसल, ज्यादातर होर्डिंग और यूनीपोल गल चुके हैं। जंग लगे हुए यूनीपोल की संख्या हर सड़क पर है। बोदला-सिकंदरा रोड पर 15 से ज्यादा यूनीपोल हैं, जो गल चुके हैं और उनके बोल्ट खुले हुए हैं। नगर निगम में इनमें से आधे यूनीपोल का मजबूती प्रमाण पत्र भी जमा हो चुका है।
एक माह पहले जमा किया मजबूती प्रमाणपत्र
- हैरतअंगेज पहलू ये है कि जिस विज्ञापन एजेंसी एक्सपर्ट की ओर से इसे लगाया गया, उसने एक माह पहले ही स्ट्रक्चरल इंजीनियर की रिपोर्ट नगर निगम के विज्ञापन विभाग में जमा की है। इसमें यूनीपोल के स्ट्रक्चर की मजबूती के साथ हर नट-बोल्ट का ब्योरा देना होता है। कितना बोझ यह सह सकता है, इसकी पूरी रिपोर्ट इसमें शामिल होती है। कागजों पर इसे मजबूत बताया गया था, जबकि यह पूरी तरह से गल चुका था। हादसे के बाद यूनीपोल को रात में ही हटवा दिया गया, लेकिन जिस बेस पर इसे लगाया गया, वहां 9 में से 5 बोल्ट पूरी तरह से जंग के कारण गायब मिले।
सेंट जोंस चौराहे पर गिरे यूनीपोल का प्रमाणपत्र नहीं
बीते पखवाड़े सेंट जोंस कॉलेज चौराहे पर बल्केश्वर के कॉलेज प्रबंधक की कार यूनीपोल गिरने से इसकी चपेट में आ गई थी। हनुमान मंदिर पर लगाए गए भंडारे में उनका परिवार आ रहा था कि यूनीपोल कार पर गिर गया। उस समय पांच लोग कार में सवार थे, जो बाल-बाल बच गए थे। तब नगर निगम ने सभी यूनीपोल की जांच और मजबूती प्रमाण पत्र मांगे थे, लेकिन 411 यूनीपोल के मजबूती प्रमाण पत्र जमा ही नहीं किए गए। खंडेलवाल एडवर्टाइजर के इस यूनीपोल का मजबूती प्रमाणपत्र ही नहीं था, लेकिन यह एमजी रोड जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर लगा था।
- दोनों मामलों में नोटिस जारी किया गया है। इनके संचालकों को बुलाया गया है और जिन इंजीनियरों ने रिपोर्ट दी, उनसे जवाब मांगा जाएगा। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम अपनी ओर से सभी यूनीपोल का सर्वे करा रहा है।
- अशोक प्रिय गौतम, सहायक नगर आयुक्त
गले हुए युनीपोल
गले हुए युनीपोल
गले हुए युनीपोल