यमुना किनारा मार्ग स्थित प्राचीन श्रीजगन्नाथजी महाराज मंदिर में श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव म
आगरा। श्रीजगन्नाथजी महाराज मंदिर यमुना किनारा मार्ग में बृहस्पतिवार को रथयात्रा महोत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथयात्रा स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शाम चार बजे से शुरू हुए रथयात्रा स्वरूप के दर्शन रात 11 बजे तक चले। आकर्षक फूलों की सजावट और भगवान के विशेष शृंगार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन संध्या में श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ के महंत योगेश पुरी ने कहा कि प्राचीन मंदिर हमारी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के जीवंत केंद्र हैं। नए मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ प्राचीन धार्मिक धरोहरों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यमुना तट स्थित श्री जगन्नाथ महाराज मंदिर की प्रत्येक ईंट वर्षों की साधना और अनगिनत श्रद्धालुओं की आस्था की साक्षी है।
श्री प्रेमनिधि जी मंदिर के मुख्य सेवायत सुनीत गोस्वामी ने समाज, धर्माचार्यों और प्रशासन से प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मण शर्मा एवं मुखिया सरिता शर्मा ने बताया कि वर्ष 1978 में आगरा की पहली श्रीजगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ इसी मंदिर से हुआ था। नगर भ्रमण वाली रथयात्रा बाद में विभिन्न कारणों से बंद हो गई, लेकिन उस समय का ऐतिहासिक रथ आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया है। इस मौके पर सीए राकेश अग्रवाल, स्नेहा शर्मा, चिराग शर्मा, आदर्श नंदन गुप्त, पूनम भारद्वाज, रवि राठौर, पवन सिंघल, संजीव अग्रवाल, राजेश खंडेलवाल और तरंग सिंघल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो