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घट गया परिंदों का कुनबा, विदाई ले गए मेहमान

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कासगंज की दरियावगंज झील - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सरहदें पार कर देश की आबोहवा का लुत्फ उठाने के लिए दरियावगंज झील पर पहुंचे परिंदे अब कासगंज को अलविदा कर गए हैं। झील पर अब केवल स्वदेशी परिंदे ही कलरव कर रहे हैं। तापमान बढ़ते ही विदेशी परिंदों ने रुख ठंडे क्षेत्रों की ओर कर लिया है। वहीं वन विभाग भी नए सिरे से परिंदों के सर्वेक्षण में जुट गया है।
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हर साल सर्द मौसम में अमेरिका, अफ्रीका, चीन, पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों से सरहदें लांघकर विदेशी परिंदे कासगंज की दरियावगंज झील पर पहुंचते हैं। इस साल भी नवंबर माह में यहां परिंदे आए थे।
वैसे तो हर साल मार्च के प्रथम सप्ताह तक मौसम सुबह शाम सर्द रहता था लेकिन इस साल फरवरी से ही मौसम का रुख बदल गया। ऐसे में मेहमान परिंदों को जिले की आबोहवा प्रभावित करने लगी। तापमान बढ़ा तो परिंदे विदाई लेने लगे। क्योंकि विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को सर्द मौसम ही पसंद है।
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इसलिए वे सर्द मौसम में उड़ान भरते हुए जिले में पहुंच जाते हैं। नवंबर माह में जिले में विदेशी परिंदे आए थे और फरवरी माह में ही विदाई लेने लगे। अब सभी विदेशी प्रजातियों के पक्षी लौट गए हैं।
इन प्रजातियों के पक्षी आए
विदेशों से ग्रोलेक गूज, कूट्स, कारगोनेट, पर्पल गूज, पर्पल मोरेन, पिन्टेन, सोबलर, हैडिक गूज, हैरोज सहित तमाम प्रजातियों के पक्षी अठखेलियां करने यहां आए थे, लेकिन अब स्वदेशी पक्षी सारस, बगुला, मोर, कबूतर सहित अन्य प्रजातियों के पक्षी ही यहां कलरव कर रहे हैं।
आंकड़ों की नजर में
- 14 हजार विदेशी पक्षियों की झील पर हुई गणना।
- 25 विदेशी प्रजातियों के पक्षी आए थे दरियावगंज झील पर।
- 3 महीने झील पर की थीं अठखेलियां।
वर्जन-
- नवंबर महीने में विदेशी पक्षी यहां मेहमान बनकर आए थे। अब तापमान बढ़ गया है। ऐसे में ये पक्षी ठंडे क्षेत्रों की ओर चले गए हैं। वैसे होली पर्व तक सर्द मौसम का एहसास रहता था। इसलिए पक्षी यहां होली तक बसेरा किए रहते थे लेकिन फरवरी में ही तापमान बढ़ जाने के कारण पक्षियों ने विदाई ली। अब सभी प्रजातियों के पक्षी चले गए हैं। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर
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