मैनपुरी। एडीजे विशेष एससी-एसटी जयप्रकाश की अदालत से बुधवार को 12 साल पुराने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। मुख्य आरोपी पर अपहरण के अलावा दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर 10 साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने और सहयोगी को अपहरण का दोषी पाते हुए 3 साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
मामला वर्ष 2012 का है। शहर कोतवाली इलाके के व्यक्ति ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनकी बेटी 23 अगस्त 2012 को बाजार गई थी। उसके बाद से घर नहीं लौटी। बेटी अपने साथ हाईस्कूल की मार्कशीट, 72 हजार रुपये और जेवर ले गई थी। पुलिस ने फर्रुखाबाद के खंडौली गांव के कुंदनपाल उर्फ कुंदन के घर से बेटी को बरामद किया था। भानू प्रताप निवासी औडेन्य मंडल, दन्नाहार को कुंदन के इस अपराध में शामिल पाया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से एमपी सिंह चौहान ने साक्ष्य और गवाहों को पेश किया। इनके आधार पर कोर्ट ने कुंदनपाल उर्फ कुंदन को अपहरण के अलावा दुष्कर्म का और सहयोगी भानू प्रताप को अपहरण का दोषी पाया।