कासगंज। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर के न्यायालय ने फर्जी बैनामा करने की आरोपी महिला को अग्रिम जमानत नहीं दी है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सहावर क्षेत्र निवासी राजाराम ने फर्जी तरीके से बैनामा करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने अपनी गांव जखा परगना व तहसील सहावर में स्थित जमीन का आधा भाग 26 अप्रैल 2007 को सुखदेवी और सरोज कुमारी निवासी सुभाष नगर अमांपुर को बैनामा कर दिया, लेकिन शेष आधे भाग पर भी 25 अक्तूबर 2015 को कब्जा करने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने अपने हक में बैनामा बताया। इसके बाद रजिस्ट्री दफ्तर सहावर जाकर जानकारी करने पर पता चला कि किसी व्यक्ति ने उसका फर्जी पहचान पत्र बनवाकर और उस पर अपना फोटो लगाकर मीना देवी व प्रेमवती निवासी टीकमपुरा कासगंज, दिनेश कुमार निवासी कछेला शेरपुर अमांपुर, सुखवीर निवासी मोहल्ला शांति नगर एटा और बैनामा लेखक शिवचरन वर्मा से साठगांठ करके करा दिया।
मीना देवी व प्रेमवती के घर टीकम पुरा जाकर जानकारी करने पर प्रमोद निवासी शेरपुर द्वारा जमीन तय करने की जानकारी मिली। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना के बाद चंद्रकली निवासी कछेला शेरपुर का नाम भी शामिल करके आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मामले में चंद्रकली ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने अर्जी को खारिज कर दिया है।