कासगंज। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सुधाकर राय के न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने आरोपी को जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वादी मुकेश ने अपनी बहन की शादी लटूरी सिंह निवासी कासगंज के साथ आठ वर्ष पहले की थी। शादी के कुछ साल बाद से ही उसके पति लटूरी सिंह, ज्ञान सिंह, किशोरी लाल, मनोज, करन सिंह उसकी बहन को आये दिन मार पीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देते थे।
11 जून 2024 को मायके में उसकी बहन गायब होने की खबर दी। काफी खोजबीन करने के बाद भी नहीं मिली। 16 जून 2024 को उसकी बहन का शव गांव वजीरपुर के पास नदी के किनारे जामुन के पेड़ पर लटका मिला। भाई ने सदर कोतवाली में ससुरालीजन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपी ज्ञान सिंह ने अपनी जमानत अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की। कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज कर दी।
बस स्टैंड परिसर में खड़ी जंग लगी बस।