प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज चर्च में तोड़फोड़ प्रकरण के खिलाफ ईसाई समाज मुखर है। शुक्रवार को चर्च परिसर में सैकड़ों की संख्या में सर्वधर्म के लोग एकजुट हुए। विरोध स्वरूप राष्ट्रीय ईसाई महासंघ और आगरा डिस्ट्रिक्ट चर्चेस ऑफ काउंसिल की ओर से बैठक हुई। इसमें घटना की निंदा करते हुए कहा कि देश में एक साल में हुई घटनाओं में अभी तक समाज को न्याय नहीं मिला है। अब बहुत हुआ हम आश्वासन नहीं परिणाम चाहते हैं। इस दौरान नेताओं को माइक से दूर रखा गया। कहा गया कि यह धार्मिक मामला है, इसलिए नेता मदद करें, नेतागीरी नहीं।
गौरतलब है कि सेंट मेरीज चर्च में गुरुवार तड़के शरारत तत्वों ने चार मूर्तियों को तोड़ कर दिया था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में सीएनआई, कैथोलिक, मेथोडिस्ट और बेप्टिस्ट चर्च के पुरोहितों सहित सभी धर्मों के लोग भी शामिल हुए। चर्च के प्रधान पुरोहित फादर मून लाजरस, फादर जोन रोशन परेरा ने कहा कि यहां पर सभी पार्टियों नेता आकर घटना की निंदा कर रहे हैं। हमें न्याय भी चाहिए। जो पिछले एक वर्ष में नहीं मिला। रेव्ह. धारा सिंह, पास्टर जिब्राइल दास भावुक हो गए। कहा कि इस घटना से प्रतीत होता है कि हमलावरों में मानवता नाम की कोई चीज नहीं है। मुजम्मिल हुसैन ने कहा कि समाज ऐसी घटनाओं को कभी बर्दाश्त नहीं करता। दलजीत सिंह कथूरिया ने कहा कि कभी घर वापसी, तो कभी धर्मांतरण का मामला उठाकर उत्पीड़न किया जा रहा है। संचालन डॉ एंड्रूज प्रकाश ने किया। डॉ नसरीन बेगम, मौलाना उजेर आलम, रौनी अल्फेड, हैवलॉक मेथोडिस्ट चर्च के प्रवीण सिंह, राष्ट्रीय ईसा महासंघ के प्रदेश प्रेसीडेंट, यंग मैन क्रिश्चियन एसोसिएशन के सचिव अमित कपूर और नवेद अतहर सिद्दीकी, यशपाल राना, अनिल कुमार आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल हुए।
बैप्टिस्ट चर्च में सुलहकुल बैठक
प्रतापपुरा स्थित बैप्टिस्ट चर्च में सुलहकुल बैठक कर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम सिटी व एसपी सिटी को दिया गया। फादर मून लाजरस, शशि भूषण, शशि शिरोमणि, डॉ मोहित पी माथुर, नेह माथुर, खलील उद्दीन कुरैशी आदि मौजूद रहे।