प्राचीन मंदिर ठाकुर श्रीकेशव देव के मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि मंदिर में रविवार को ठाकुर जी को छप्पन भोग लगाएं। प्रात: फूल बंगला सजाया जाएगा। भजन संध्या के साथ साथ रास का आयोजन होगा। शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं यहां आएंगे।
मनाई जाएगी कृपालु महाराज की जन्म शताब्दी
बरसाना में शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में नौ अक्तूबर को जगद्गुरु कृपालु महाराज की जन्म शताब्दी मनाई जाएगी। बरसाना में तोरण द्वारों के साथ रंगीली महल एवं कीर्ति मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों व फूलों से सजाया जा रहा है।
अवध क्षेत्र के मनगढ़ गांव में जन्मे कृपालु महाराज का जन्म शरद पूर्णिमा की अर्ध रात में 5 अक्तूबर 1922 को हुआ। वह बचपन में ही ब्रज में चले आए। यहां ब्रजवासियों में उन्हें राधा-कृष्ण दिखाई देने लगे।
उन्होंने बृजवासियों की सेवा में दवा और दुआ की व्यवस्था के लिए बरसाना में दिव्य कीर्ति मंदिर और रंगीली महल हॉस्पिटल एवं वृंदावन में प्रेम मंदिर व जगद्गुरु कृपालु चिकित्सालय की स्थापना की। जेकेपी संस्था विधवा, साधुओं, स्कूली छात्र-छात्राओं की सहायता करती है।