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चंद्रोदय मंदिर में ठाकुरजी को नहीं चढ़ सके ताजे फूल

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मथुरा। बंद पड़ा श्रीबांके बिहारी मंदिर के बाहर गेट पर पूजा करता श्रद्धालु। - फोटो : MATHURA
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वृंदावन (मथुरा)। कोरोना वायरस को लेकर मंदिरों को बंद किए जाने से सर्वाधिक प्रभावित ठाकुर जी की सेवा रही। न ठाकुर जी को ताजे फूल मिल सके और न ही उन्हेें ताजे फूलों की माला धारण हो सकी। इसके अलावा कई मंदिरों में प्रतिदिन के भोग प्रसाद में भी बाधा उत्पन्न हुई। जिसके चलते सेवायतों ने एक दिन पहले मंगाए फूलों से ही ठाकुर जी की सेवा की। ठाकुर बांके बिहारी की शृंगार यथावत रहा। उनको निज रसोई का ही भोग प्रसाद लगाया गया।
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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सेवायतों द्वारा ठाकुर जी की सेवा के लिए आवश्यक इत्र, तुलसी आदि एक दिन पहले ही रख लिया गया था। जबकि उनके लिए निज रसोई से प्रतिदिन की भांति भोग प्रसाद लगाया गया। सेवायत पुनीत गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी के शृंगार के लिए सब कुछ हमारे पास उपलब्ध था। रसोई में भोग प्रसाद का आवश्यक सामान पहले ही रख लिया गया था। चंद्रोदय मंदिर के अभिषेक मिश्रा ने बताया कि एक दिन पहले ही करीब 50 किलो फूल मंगा लिए गए थे, जिनसे माला बनाकर ठाकुर जी को धारण कराई गई।
रंग जी मंदिर की अधिशासी अधिकारी अनिघा श्रीनिवासन ने बताया कि उनके यहां ब्रह्मोत्सव के बाद पांच दिन तक शांति उत्सव मनाया जाता है। फूल उनके प्रांगण में ही हैं तथा आवश्यक सब्जियों को एक दिन पहले ही लिया गया था। वहीं इस्कॉन पीआरओ सौरभ त्रिविक्रम दास ने बताया कि मंदिर में ठाकुर जी के फूलों की सेवा कम कर दी गई है। अब प्रतिदिन केवल 14-15 किलो फूलों की ही सेवा की जा रही है। रोजाना 50 किलो फूलों की सेवा की जाती थी। मंदिर का प्रसाद भी केवल ब्रह्मचारियों के लिए ही मिल पा रहा है।
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