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घाटे की फिक्र छोड़ व्यापारियों ने बंद रखे बाजार

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शहर के देवी रोड पर बंद बाजार - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जनता कर्फ्यू का व्यापारियों ने समर्थन करते हुए घाटे की फिक्र छोड़ दुकानें बंद रखीं। बाजारों में सुबह से लेकर रात तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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जिले में लगभग छह हजार छोटी बड़ी दुकानें हैं। इन पर रोजाना करोड़ों रुपये का व्यापार होता है। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान इन पर होने वाली बिक्री प्रभावित होना तय था। ऐसे में लोग अनुमान लगा रहे थे कि बाजार खुलेंगे, लेकिन रविवार को व्यापारियों ने घाटे की चिंता नहीं की। सुबह से लेकर रात तक किसी दुकान का शटर खुलने की आवाज तक सुनाई नहीं दी।
यहां तक कि कोई दुकानदार दुकान पर काम निपटाने के लिए भी नहीं पहुंचा। सराफा बाजार से लेकर कपड़ा और इलेक्ट्रोनिक बाजार में दुकानें बंद रहीं। रविवार को जनता कर्फ्यू का हाल जानने के लिए निकले अधिकारी भी ये नजारा देखकर व्यापारियों की प्रशंसा करते नजर आए।
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संकट से देश को उबारेंगे
एक दिन बाजार बंद रखने से न तो व्यापारियों को आर्थिक संकट आएगा और न ही ग्राहकों को कमी होगी। देश को इस संकट से उबारने के लिए व्यापारी साथ हैं।
अनुपम गुप्ता।
पूरा योगदान देंगे
व्यापारी वर्ग हमेशा से ही देश के लिए योगदान करता रहा है। इस बार भी बात देश और जनता की है तो एक दिन का चार दिन दुकान बंद रहें तो भी परवाह नहीं।
विनय गुप्ता।
अपील का पालन किया
देश आज एक महामारी की चपेट में है। देश की प्रधानमंत्री ने इस महामारी से बचाव क लिए एक दिन बाजार बंद रखने की अपील की थी। हम उसी का पालन कर रहे हैं।
सुधीर गुप्ता।
देश की सुरक्षा सबसे पहले
मानव जाति और देश की सुरक्षा से बढ़कर कोई भी व्यापारी नहीं है। देश के हर व्यापारी ने जनता कर्फ्यू का समर्थन कर रविवार को अपने प्रतिष्ठान बंद ही रखें हैं।
रामवीर सिंह।
बंद को सफल बनाया
व्यापारी और दुकानदार भी आम लोग ही हैं। उनके भी परिवार हैं। हम समझते हैं कि अपने परिवार को कोरोना से बचाने के लिए इस बंद को सफल बनाना कितना जरूरी है।
रामकृष्ण गुप्ता।
बंदी का समर्थन किया
अगर हमारे समाज के किसी भी व्यक्ति को कोरोना होगा तो धीरे-धीरे एक दिन वह हम तक जरूर पहुंचेगा। इसीलिए सभी दुकानदारों और व्यापारियों ने बंदी का समर्थन किया।
मनीराम।
मुनाफा नहीं जरूरी
लोग गलत सोचते हैं कि व्यापारी केवल घाटे और मुनाफे के बारे में सोचता है। देश और समाज के लिए व्यापारी हमेशा ही चुनौतियों को स्वीकार करने से पीछे नहीं हटा।
प्रवीन भंसाली।
ताकि लोग रहें सुरक्षित
व्यापार वर्ग हमेशा चाहता है कि सभी स्वस्थ और सुरक्षित रहें। क्योंकि उसके ग्राहक तो वहीं हैं। जब लोग ही सुरक्षित नहीं होंगे तो व्यापार चल ही नहीं सकता है।
अवनीश कुमार।
कोरोना से जंग में हर पल संग
जब देश का हर नागरिक जनता कर्फ्यू में अपनी भूमिका निभा रहा है तो हम कैसे पीछे रह सकते हैं। सभी व्यापारी और दुकानदार भाई भी कोरोना से जंग में हर पल संग हैं।
मुनेंद्र कुमार।
कोई समझौता नहीं किया
देश की सुरक्षा के साथ व्यापारियों ने कभी कोई समझौता नहीं किया। इस बार भी देश के लिए व्यापारी सबसे आगे हैं। उनसे जो बन पड़ेगा वे देश के लिए करने से पीछे नहीं हटेंगे।
हरिओम बाबा।
समाज की बेहतरी चाहिए
एक व्यापारी हमेशा समाज की बेहतरी चाहता है। क्योंकि जब समाज संपन्न होगा तभी व्यापारी संपन्न होगा। ऐसे में कोरोना से बचाव के सभी लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
राजकुमार शर्मा।
सतर्कता ही है बचाव
कोरोना वायरस से सतर्कता से ही बचा जा सकता है। इसी को देखते हुए बंदी का आह्वान किया गया है। सभी लोगों के साथ दुकानदार भी इस बंदी में अपना योगदान कर रहे हैं।
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दिनेश गुप्ता।
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