कासगंज। राज्य सरकार ने शिक्षक बनने की चाहत रखने वाले युवाओं को बढ़ी राहत दी है। शिक्षक पात्रता परीक्षा के योग्यता प्रमाणपत्र की वैधता को आजीवन कर दिए जाने से युवाओं में खुशी की लहर है। युवाओं ने सरकार के फैसले की सराहना की है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के योग्यता प्रमाणपत्र की वैधता अभी तक सात साल तक ही है। जिससे इस अवधि में शिक्षक की नौकरी न मिलने पर प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो जाने के बाद फिर से टीईटी की परीक्षा पास करनी पड़ती थी। जिले में ऐसे लगभग 15 हजार युवा हैं जिनके द्वारा टीईटी की परीक्षा पास कर ली और उनको नौकरी नहीं मिल सकी।
इनमें से तमाम युवाओं की पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो गई। सरकार द्वारा वर्ष 2011 से प्रमाणपत्र की वैधता को आजीवन कर दिए जाने से युवाओं में खुशी की लहर है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता को आजीवन किए जाने का फैसला सराहनीय है। सरकार के इस कदम से युवाओं को बार- बार इस परीक्षा को पास करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय व धन की भी बचत होगी। -प्रज्ञा माहेश्वरी, टीईटी प्रशिक्षित
जिला मे लगभग 15 हजार ऐसे युवा हैं जो शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के बाद भी शिक्षक की नौकरी नहीं पा सके और उनके प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो गई, सरकार के इस फैसले से ऐसे युवाओं को काफी राहत मिली है। - चंदन भारद्वाज, टीईटी प्रशिक्षित