आगरा। धौलपुर फ्रेश ब्रांड के नाम से घी बनाकर बेचने वाले भोले बाबा मिल्क फूड्स ग्रुप समेत खाद्य उत्पाद क्षेत्र के पांच कारोबारियों की फर्मों पर आयकर की कार्रवाई चौथे दिन भी जारी रही। आयकर अधिकारियों को अब तक करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के माल की सप्लाई और आपूर्ति से संबंधित फर्जी बिल मिले हैं। साथ ही 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के सोने-चांदी व हीरे के जेवर व नकदी भी मिल चुकी है।
कर चोरी की जांच के बीच अब विभाग की सूचना पर केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के विभिन्न राज्यों में मौजूद अधिकारी घी के सैंपल लेकर केंद्रीय व राज्यस्तरीय लैबों में जांच के लिए भेज रहे हैं। इन सैंपल की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग फर्मों की कमाई को काले धन की श्रेणी में रखने पर फैसला करेगा।
फिलहाल जांच कर रही टीमें सभी फर्मों में मिले दस्तावेज में मौजूद रिकाॅर्ड, परिसरों व नजदीकी टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का मिलान कर रही हैं।
आज खोले जा सकते लॉकर
आयकर विभाग को फर्मों से जुड़े 19 बैंक लॉकरों का पता चला है। इन सभी लॉकरों को सील करा दिया गया था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सोमवार को इनमें से कुछ लॉकरों को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
बता दें, आयकर विभाग कानपुर जोन के प्रधान निदेशक (अन्वेषण) पीयूष कोठारी के निर्देश पर आयकर उप निदेशक हार्दिक अग्रवाल के नेतृत्व में आयकर अधिकारी हर्षवर्धन, रंजन सैनी, संजीव कुमार, सोहनलाल, तरुण सैनी व वरुण गोयल की टीमें नेहरू नगर निवासी कारोबारी कृष्ण मुरारी अग्रवाल, गोविंद व तरुण अग्रवाल, हरिशंकर अग्रवाल, जितेंद्र व वीरेंद्र अग्रवाल, कमला नगर निवासी गौरव व सौरव बंसल व अन्य के आगरा, कानपुर, मथुरा, भरतपुर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर व दिल्ली समेत देशभर के 35 से ज्यादा आवासीय व व्यावसायिक ठिकानों पर जांच में जुटी हैं।