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वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में हुई गवाही

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मैनपुरी। जानलेवा हमले के एक मुकदमे में बुधवार को सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला जज तेजप्रताप तिवारी की कोर्ट में हुई। घायल हुए सेना के जवान का इलाज करने वाले जम्मू में तैनात डॉक्टर और सूबेदार मेजर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही दी। आरोपी के वकील ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही गवाहों से जिरह भी की।
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थाना कुरावली के गांव खिरना निवासी विपिन उर्फ अमित कुमार सेना में नौकरी करते हैं। 16 सितंबर 2019 को उसके मकान पर कब्जा करने को लेकर हुए विवाद में गांव के ही जंगबहादुर और शिववीर उर्फ कल्लू ने विपिन को गोली मारकर घायल कर दिया था। विपिन का इलाज फतेहगढ़ के सेना के अस्पताल में हुआ था। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। इस मामले में जंगबहादुर जेल में है। शिववीर उर्फ कल्लू की जमानत हो चुकी है।
विपिन का इलाज करने वाले डॉक्टर आरके सिंघल तथा सूबेदार मेजर आरके राणा की तैनाती जम्मू में है। बुधवार को मुकदमे की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। जिला जज तेजप्रताप तिवारी की मौजूदगी में डॉक्टर आरके सिंघल तथा सूबेदार मेजर आरके राणा ने डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने गवाही दी। जेल में बंद जंगबहादुर के वकील विजय प्रताप सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही दोनों गवाहों से घटना के संबंध में जिरह की।
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हाईकोर्ट के शीघ्र निस्तारण के हैं आदेश
सेना के जवान विपिन को गोली मारकर घायल कर देने के मुकदमे में हाईकोर्ट ने शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए हैं। एक याचिका पर हाईकोर्ट केे आदेश के बाद सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू की गई है। डीजीसी ने बताया कोबिड प्रोटोकॉल के चलते जंगबहादुर को जेल से अदालत में नहीं लाया जा सका। उसका पक्ष भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही अदालत में सुना गया।
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