सदर की सगी बहनों को बरामद कर पुलिस ने धर्मांतरण गैंग के सरगना अब्दुल रहमान और आयशा के साथ 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान रांची सेंट्रल जेल में बंद झारखंड के धनबाद जिले के निवासी अयान जावेद का नाम सामने आया था। अयान पर आतंक फैलाने के काम में लिप्त रहने के आरोप में झारखंड की एटीएस ने कार्रवाई की थी।
जांच में सामने आया था कि धर्मांतरण गैंग के अब्दुल रहमान और आयशा से उसने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया था। इसके बाद दिल्ली में बैठे अन्य से संपर्क कराया गया था। पुलिस ने रांची कोर्ट में अयान की रिमांड की अपील की थी। तीन दिन की रिमांड पर उसे पुलिस आगरा लेकर आई थी।
आईबी और एटीएस ने भी उससे पूछताछ की थी। उसने पहले धार्मिक बातें कर समय काटने का प्रयास किया था, लेकिन जब पुलिस ने रहमान, आयशा समेत अन्य के वाट्सएप ग्रुपों की चैट दिखाई थी तो उसने और भी कई ऐसे ग्रुपों के बारे में बताया था। पुलिस की पूछताछ में आगरा समेत अन्य जगहों के 12 लोग संदेह के घेरे में आए हैं। पुलिस टीम अब गोपनीय तरीके से उनकी जांच कर रही है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि रिमांड की अवधि पूरी होने पर अयान को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। जिला जेल के अधीक्षक को केंद्रीय कारागार बिरसा मुंडा, रांची में भेजने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर जांच की जा रही है। गैंग से जुड़े अन्य पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।