आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में शामिल फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की शुष्कता दूर करने और गिरते भूजल स्तर को थामने के लिए तेरह मोरी बांध को पुनः जल संचय के उपयुक्त बनाया जाएगा। आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं टीटीजेड की सदस्य संयोजक एम. अरुन्मोली ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर बांध की मरम्मत के लिए विस्तृत परीक्षण और स्पष्ट आख्या मांगी है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने बताया कि फतेहपुर सीकरी को राजस्थान से आने वाले धूल भरे अंधड़ों का गेटवे माना जाता है। सीकरी नगर पालिका अध्यक्ष शबनम इस्लाम ने सूक्ष्म धूल कणों के बढ़ते स्तर पर चिंता जताते हुए मंडलायुक्त को पत्र लिखा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेरह मोरी बांध में मानसून का पानी ठहर जाए, तो क्षेत्र की नमी बढ़ेगी और वायु प्रदूषण के घातक प्रभावों में कमी आएगी। 70 किलोमीटर लंबी खारी नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करने वाला यह बांध वर्तमान में गेटों के खराब होने के कारण पानी रोकने में असमर्थ है। अजान बांध (भरतपुर) और विंध्य पर्वतमाला से आने वाला वर्षा जल बांध में रुकने की जगह सीधे बह जाता है। सिंचाई विभाग अब इन गेटों की मरम्मत और बांध की कार्यक्षमता बढ़ाने पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगा।