कासगंज। श्रावण मास के पहले दिन तीर्थनगरी व लहरा का गंगाघाट कांवड़ियों से गुलजार रहा। बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगाजल भरने के लिए पहुंचे और कांवड़ भरकर गंतव्य की ओर रवाना हो गए। आस्था, भक्ति कांवड़ मेला शुरू होने के साथ ही नजर आने लगी।
मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रदेश के कई क्षेत्रों से कांवड़िये लहरा गंगाघाट पर कांवड़ भरने के लिए पहुंचे और गंगाजल लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए। कांवड़ियों में शिवभक्ति व उत्साह नजर आ रहा था। गंगाघाट पर भोलेनाथ की जय जयकार व गंगा मईया के जयकारे पूरे दिन गूंजते रहे। तमाम टोलियां लगातार बरेली-मथुरा मार्ग पर निकलती नजर आ रहीं थीं। सड़क किनारे घने पेड़ों के नीचे कांवड़िये आराम करते नजर आ रहे थे। कई कांवड़ियों की टोली के साथ डीजे वाहन भी चल रहे थे जिनमें भोले की भक्ति के गीत चल रहे थे और कांवड़िये नाचते हुए गंतव्य की ओर रवाना हो रहे थे।
कांवड़ बाजार में बढ़ी रौनक, भोलेनाथ के फोटो वाली टीशर्ट की डिमांड बढ़ी
सोरोंजी। कांवड़ियों के लिए बने कांवड़ बाजार में कांवड़िये अपनी कांवड़ों की सज्जा के लिए जमकर खरीदारी करते नजर आए। कांवड़ सजाने के लिए देवी देवताओं की तस्वीरें, माला, घंटी, खिलौने, शीशा, कपड़ा, डमरू, झालर, घुंघरू आदि की बंपर खरीद इन दिनों हो रही है। वहीं रास्ते में सुरक्षा के लिए बेंत, हाॅकी स्टिक, टॉर्च आदि की भी खरीददारी की जा रही है। इसके अलावा इन दिनों भोलेनाथ के फोटो वाली टीशर्ट की डिमांड भी खूब बढ़ गई है। कांवड़िये केसरिया रंग की भोले के चित्र के साथ ऊं नमः शिवाय, जय भोलेनाथ आदि स्लोगन लिखी टीशर्ट पहनकर आस्था और श्रद्धा के रंग से सराबोर नजर आ रहे थे। हर टोली में एक ही तरह की टीशर्ट पहने कांवड़िये नजर आ रहे थे।
फिरोजाबाद के कांवड़िये कलश कांवड़ ले गए
सोरोंजी। फिरोजाबाद के कांवड़ियों की टोली शुक्रवार को 101 लीटर की कलश कांवड़ लेकर रवाना हुई कांवड़ के कलश पर तिरंगा लिपटा हुआ था। भोले के जयकारों के साथ कांवड़िये भारत माता की जयकार भी कर रहे थे। इस टोली में शामिल शिवपूजन, विशाल, प्रिंस, सत्यम ने बताया कि वह बटेश्वर धाम में गंगाजल से सावन के प्रथम सोमवार को भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे।