आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर बना पुराना पार्सलघर हटाया जाएगा। नया पार्सलघर जीआरपी थाने के नजदीक बनाया जाना है। साथ ही रेल प्रशासन पार्सलघर के गेट को स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए तकरीबन 90 लाख रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। जल्द ही पार्सलघर की शिफ्टिंग का काम शुरू हो जाएगा।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर बरसों से प्लेटफार्म नंबर छह के पिछले हिस्से में पार्सलघर संचालित किया जा रहा है। पार्सलघर में स्थानाभाव के कारण ज्यादातर पार्सल प्लेटफार्म नंबर छह पर ही पड़े रहते हैं। इस प्लेटफार्म पर गाड़ियों का आवागमन कम होने के कारण इसे पार्सलघर के गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
यहां तक कि पार्सल विभाग के अधिकारियों ने प्लेटफार्म पर ही वजन तौलने की मशीनें तक लगा रखी हैं। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर छह को साफ करने और इस द्वार को द्वितीय द्वार के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है।
railway parcel
पुराने पार्सलघर की नई इमारत जीआरपी थाने के नजदीक पड़ी रेलवे की जमीन पर बनेगी। इसके लिए लगभग 90 लाख रुपये का टेंडर किया गया है। इसमें पार्सलघर की नई इमारत तैयार की जाएगी। इस इमारत में पार्सल रखने के लिए गोदाम, इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीनें समेत अन्य सुविधाएं होंगी।
आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डॉ. संचित त्यागी ने बताया कि नये पार्सलघर के लिए टेंडर किया जा चुका है। इसकी इमारत जीआरपी थाने के पास बनाई जाएगी।
फोर्ट पर बन चुका है पार्सलघर
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन की सेकेंड एंट्री अब जीआरपी थाने के नजदीक से होगी। अभी तक इस गेट का इस्तेमाल कर चोरी के माल की तस्करी के लिए किया जा रहा था। नई एंट्री के कारण पुराने भवन भी हटेंगे। एक कक्ष पर एक पार्सल ठेकेदार ने कब्जा जमा रखा है। इस कक्ष को भी यहां से हटाया जाएगा।
रेल प्रशासन ने आगरा फोर्ट स्टेशन के परिसर में स्थित पुराने पार्सलघर को भी बदल दिया है। अब ये पार्सलघर आगरा फोर्ट स्टेशन के नजदीक बनी इमारत में स्थानांतरित हो चुका है। भवन में काम स्थानांतरित होने के बाद भी आगरा फोर्ट पर पार्सलों के बंडलों का लदान किया जाता है।