आगरा के जयपुर हाउस में सराफ राकेश मित्तल के घर में डकैती डालने के बाद बदमाशों ने एटा में पार्टी मनाई थी। यहीं माल का बंटवारा भी किया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से यह पता चला।
बदमाश एक और वारदात करने वाले थे। फतेहाबाद क्षेत्र के एक व्यापारी के घर में डकैती डाली जानी थी। मगर, उससे पहले ही गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
सराफ राकेश मित्तल के घर में डकैती का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया था। पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 लाख का माल बरामद किया था। सात अपराधी अभी फरार हैं।
फरार अपराधियों में डीके उर्फ धर्मेंद्र उर्फ धन्ना, बाबू, शेखर, छोटे उर्फ सोनू पंडित, एटा के निधौली कलां का लोकेंद्र चौहान और योगेश चौहान के नाम शामिल हैं। पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
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लोकेंद्र को न्यू आगरा पुलिस ने जेल भेजा था, जो दो माह पहले ही जेल से छूटकर आया। जेल से छूटने के बाद उसे रुपयों की जरूरत थी। इसलिए लूटकर डाली।
पुलिस ने बताया कि 28 दिसंबर को राकेश मित्तल के घर में डकैती डालने के बाद बदमाश एटा में योगेश के घर पर रुके थे, यहां पर माल का बंटवारा किया था। इसके बाद पार्टी मनाई थी। नए साल तक लूट की रकम से ही पार्टी मनाते रहे।
इसकी सास भाजपा में
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बदमाशों ने जयपुर हाउस में राकेश मित्तल के घर में वारदात करने से पहले एक और कोठी को चिह्नित कर रखा था। मगर, कोठी की सुरक्षा काफी पुख्ता थी। अंदर से गेट पूरी पड़ताल के बाद ही खोला जा सकता है। इस कारण उस कोठी में लूट का प्लान बदल दिया था।
राकेश मित्तल के घर में वारदात के बाद फतेहाबाद के एक व्यापारी के घर में डकैती की योजना बना रखी थी। मगर, पुलिस ने गैंग को पकड़ लिया। वहीं गिरफ्तार आरोपी भाजपा कार्यकर्ता राहुल तोमर की सास भी भाजपा की सक्रिय सदस्य है।