घनी आबादी वाले बालूगंज क्षेत्र में देर रात होटल रिलेक्स के मालिक के दोमंजिला घर में हुए धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। होटल भी घर से सटा हुआ है। विस्फोट इतना भीषण था कि घर का ऊपरी हिस्सा धराशायी हो गई। होटल और आसपास के घरों के खिड़की, दरवाजे उड़ गए। होटल मालिक के परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। परिवार की दो बहनों की मौत हो गई, चार गंभीर हालत में हैं। देर रात तक विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं हो सका था।
बालूगंज चौराहा के पास तंग गली में सरदार मंजीत सिंह और बलजीत सिंह का होटल रिलेक्स है। तीन मंजिला होटल के पिछले हिस्से में दो मंजिला मकान में दोनों भाइयों का परिवार रहता है। मंजीत सिंह परिवार के साथ शुक्रवार को बाहर गए हुए थे। घर में बलजीत सिंह, उनकी पत्नी, बेटियां सिमरन, नेहा, निक्की और मंजीत का बेटा प्रिंस थे। शनिवार रात 11.35 बजे घर में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद गली में चीखपुकार और भगदड़ मच गई। लोग घरों से निकल आए। राहगीर राजेश शर्मा ने बताया वे घटना स्थल से काफी दूर थे, लेकिन विस्फोट से उनके कान सुन्न पड़ गए।
धमाके के बाद होटल में ठहरे लोग भी भाग निकले। कुछ ही देर में रकाबगंज थाने की फोर्स और एसपी सिटी समीर सौरभ, सीओ सदर, दमकल कर्मी पहुंचे। पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने लोगों की मदद से घायलों कोे निकालना शुरू किया। निक्की, बलजीत और नेहा को एसएन भेजा। सिमरन मलबे में फंसी हुई थी। करंट फैलने के डर से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे के चलते बचाव कार्यों में मुश्किल हुई। करीब एक घंटे बाद नेहा और बलजीत की पत्नी को निकाला जा सका। कुछ देर बाद प्रिंस चोटिल हालत में बाहर निकला। रात डेढ़ बजे सीओ सदर ने बताया अस्पताल में निक्की और सिमरन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।
विस्फोट का कारण स्पष्ट नहीं
आगरा। धमाका किस वजह से हुआ इसका पता नहीं चल सका है। गली में बारूद की गंध फैली हुई थी, जबकि कुछ लोग धमाका सिलेंडर फटने से होना बता रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों की जांच की जाएगी।
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बालूगंज के पक्का चबूतरा वाली गली में सरदार बलजीत सिंह के दोमंजिला मकान में हुआ विस्फोट इतना भीषण था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी। आसपास के घरों से लोग दहशत में चीखपुकार करते हुए भागे। होटल में ठहरे कोलकाता के एक परिवार के कुछ सदस्य भी चोटिल हो गए। धमाके के बाद बस्ती में लोग सो नहीं सके।
होटल के सामने विनोद श्रीवास्तव का मकान है। वह पत्नी विजया देवी, बेटी शालिनी और बेटे रवि के साथ सो रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके घर की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए। वह करीब आधा घंटे तक दहशत में घर से नहीं निकले। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। पड़ोसियों ने बताया कि सभी के घर के दरवाजे और खिड़की हिल गए। होटल के तीसरी मंजिल पर कोलकाता के नौ लोगों का परिवार ठहरा था। इनमें शंकर दास, नवीन दास, काजल दास, किशुंक दास, तानिया आदि थे। वे चोटिल हो गए। 10 से 12 लोग धमाके के बाद होटल छोड़कर भाग निकले।
बालूगंज पेट्रोल पंप के पास रहने वाले लोग भी धमाके की आवाज सुनकर घटनास्थल पर दौड़ लिए। मोहल्ले के प्रशांत और पवन सबसे पहले घर में घुसे थे। इसके बाद सीओ सदर असीम चौधरी ने घर में घुसने की हिम्मत जुटाई।
होटल में फैला करंट
लोगों ने बताया कि होटल में भी करंट फैल गया था। होटल में ठहरे लोगों के बाहर निकलने के बाद अंदर जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। स्टाफ के लोग बचाव कार्य में लग गए।