थाना एत्माद्दौला और थाना हरीपर्वत में दिवस नहीं आयोजित किए गए। इसके अलावा थाना कोतवाली, एमएम गेट, नाई की मंडी, न्यू
आगरा, कमला नगर, लोहामंडी, रकाबगंज, मंटोला और छत्ता थानों में फरियादी नहीं आए। शिकायतें निल रहीं। सदर में छह और
ताजगंज में सात शिकायतें आईं।
संक्रमण के चलते छह महीने तक पुलिस थानों में समाधान दिवस आयोजित नहीं हो सका, अब शनिवार से इसकी शुरुआत कर दी गई। पहले दिन थानों में फरियादी नहीं आए। इस वजह से अधिकारियों की कुर्सियां भी खाली पड़ी रहीं। शहर के दो थानों में कंटेनमेंट जोन होने के कारण समाधान दिवस नहीं लगा।
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थाना एत्माद्दौला और थाना हरीपर्वत में दिवस नहीं आयोजित किए गए। इसके अलावा थाना कोतवाली, एमएम गेट, नाई की मंडी, न्यू आगरा, कमला नगर, लोहामंडी, रकाबगंज, मंटोला और छत्ता थानों में फरियादी नहीं आए। शिकायतें निल रहीं। सदर में छह और ताजगंज में सात शिकायतें आईं। इनमें से सात शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया।
सिकंदरा में एक और जगदीशपुरा में दस शिकायतें आईं। इसके अलावा देहात के थानों में भी समाधान दिवस का आयोजन किया गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि जो भी शिकायतें आईं उन्हें सुना गया, इसके बाद निस्तारण किया गया। जिन मामलों में जांच की जरूरत थी, उनमें जांच के आदेश किए गए हैं।
हरीपर्वत में समाधान दिवस नहीं पर पर एक-दो फरियादी आए
- फोटो : अमर उजाला
नाई की मंडी में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां
दोपहर एक बजे थाना नाई की मंडी में कुर्सियों के आगे मेज लगी थी। पहरे पर पुलिसकर्मी तैनात था। दो महिला सिपाही भी मौजूद थीं, लेकिन अधिकारियों की कुर्सियां खाली थीं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि थाना प्रभारी निरीक्षक कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण क्वारंटीन हैं। महिला निरीक्षक अपने कक्ष में बैठी थीं। फरियादी नहीं आए थे।
हरीपर्वत में समाधान दिवस नहीं पर पर एक-दो फरियादी आए
थाना हरीपर्वत में कई पुलिसकर्मी कोरोना से पीड़ित हो गए हैं। इस कारण थाने में समाधान दिवस नहीं आयोजित किया गया। कुछ फरियादी आए थे। उनके प्रार्थनापत्रों को लेने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को भेज दिया गया। एसएसआई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि समाधान दिवस नहीं लगा था। हालांकि लोगों की शिकायतों को निस्तारित कराया गया है।
पारिवारिक और जमीन के विवाद की शिकायतें आईं
थाना सदर और ताजगंज में पारिवारिक विवाद आए थे। इस पर पुलिसकर्मियों ने काउंसिलिंग के बाद मौके पर ही निस्तारित कर दिए। वहीं जमीन विवाद के मामलों को लेखपाल से जांच कराने के बाद ही निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जगदीशपुरा में पति-पत्नी और पड़ोसी से विवाद के मामले आए। एक मामले में बेटी और मां-बाप में विवाद था। उन्हें काउंसिलिंग के लिए रविवार को बुलाया है। सिकंदरा में आए पड़ोसियों के बीच विवाद को भी पुलिस ने समझौता होने के बाद सुलझा दिया।