आगरा में चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर इस साल सितंबर तक नौ महीनों में 55 किशोरियों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली। इनमें 38 यानी 70 फीसदी अपनों के ही खिलाफ थीं। पिता, चाचा और रिश्ते के भाइयों पर भी आरोप लगे। ऐसे में परिजनों ने दबाव बनाकर रिपोर्ट भी दर्ज नहीं होने दी।
चाइल्ड लाइन की समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन के पास बच्चों, किशोरों और किशोरियों के उत्पीड़न, शोषण की 165 शिकायतें आईं। इनमें से 55 ऐसी शिकायतें थीं, जिनमें किशोरियों ने अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के आरोप लगाए।
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इनमें 70 प्रतिशत में आरोपी कोई और नहीं, बल्कि अपने ही थे। उन्होंने बताया कि इनमें कुछ मामलों में ही मुकदमे दर्ज कराए जा सके। बाकी को काउंसिलिंग में निपटाया गया। कई पीड़ितों की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं करने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी।
यह है आंकड़ा
165 शिकायतें चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर आईं।
55 मामले किशोरियों के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के थे।
70 प्रतिशत छेड़छाड़ के मामलों में पिता, सगा भाई, रिश्ते का भाई, चाचा पर आरोप था।
25 प्रतिशत मामलों में पड़ोसी और मोहल्ले के युवकों पर आरोप।
05 प्रतिशत मामलों में बाजार और घर के बाहर छेड़छाड़ का शिकार।
केस : 1
जगदीशपुरा क्षेत्र की 16 साल की दो बहनों ने अगस्त में शिकायत की थी कि चाचा उनके साथ गलत हरकत करते हैं। पिता से शिकायत की तो उन्होंने अनसुना कर दिया।
केस : 2
शाहगंज क्षेत्र की 13 साल की किशोरी ने 20 दिन पहले शिकायत की कि पिता गलत हरकत करते हैं। मां से शिकायत की। उन्होंने मना किया, लेकिन पिता की हरकत बंद नहीं हो रही है।
केस : 3
थाना एत्माद्दौला क्षेत्र की 14 साल की किशोरी ने शिकायत की कि चाचा का बेटा कुछ दिन से उसके साथ अश्लील हरकत कर रहा है। उसको अश्लील वीडियो दिखाता है। किसी से शिकायत करने पर बदनाम करने की धमकी देता है।
जिन मामलों में तहरीर मिली उनमें मुकदमे कराए
किशोरियों से छेड़छाड़ के 55 मामले आए हैं। इनमें पिता, चाचा और भाइयों तक पर आरोप लगाए गए। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की काउंसिलिंग की गई। जिन मामलों में तहरीर दी गई, उनमें मुकदमे दर्ज कराए गए। पीड़िताओं की लगातार काउंसिलिंग की जाती है। -ऋतु वर्मा, समन्वयक, चाइल्ड लाइन