मैनपुरी। पारिवारिक न्यायालय में चल रहे एक मामले में आपसी समझौते से दंपती के बीच तलाक हो गया। काउंसलर द्वारा दंपती के विवाद की काउंसलिंग से भी बात नहीं बनी। पत्रावली को आदेश के लिए सुरक्षित किया गया है।
प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय नासिर अहमद की कोर्ट में सपना ने अपने पति ब्रजेश के खिलाफ आपसी सहमति से तलाक पाने के लिए आवेदन किया। सपना द्वारा कोर्ट में अपना पक्ष रखा गया। न्यायालय द्वारा नोटिस भेजकर ब्रजेश को बुलाया गया। ब्रजेश ने भी न्यायालय में अपना पक्ष रखा। दंपती ने आपसी सहमति के आधार पर तलाक दिए जाने की मांग की।
न्यायालय द्वारा एक बार समझौते का प्रयास कराने के लिए मामले को काउंसलर शैलेंद्री राजपूत के पास भेजा गया। कांउसलर ने दंपती के बीच विवाद के बिंदुओं को सुना। दंपती का पक्ष सुनने केे बाद काउंसलर शैलेंद्री राजपूत द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में भी समझौते का प्रयास सफल नहीं हुआ।
दंपती के बीच की गई काउंसलिंग के बाद दंपती के बीच आपसी समझौते से तलाक का निर्णय हुआ। काउंसलर द्वारा काउंसलिंग की रिपोर्ट न्यायालय में दी गई। उसके बाद दंपती के बीच आपसी सहमति से तलाक हुआ। मामले को सुनने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने पत्रावली को आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया है।