तंगहाली में 15 वर्षीय किशोरी जिस्मफरोशी के दलदल में फंस गई। एक महिला ने रुपये दिलाने का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसे हवस का शिकार बनाया जाने लगा। किशोरी की मां को इस बात की भनक लगी तो होश उड़ गए। थाने में शिकायत की, मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित परिवार ने चाइल्ड लाइन से मदद की गुहार लगाई। किशोरी को आश्रय गृह में भेजा गया है।
मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र का है। किशोरी अपनी दादी के साथ किराए के मकान में रहती है। आठ साल पहले पिता की मौत हो चुकी है। मां मजदूरी करती हैं और छोटी बहन के साथ दूसरे मकान में रहती हैं। दादी मंदिरों के आसपास भीख मांगकर अपना और पोती का पेट भरती है। उनके मकान में ही पांच महीने पहले एक महिला किराये पर रहने आई। महिला ने किशोरी के घर में आना-जाना शुरू कर दिया। एक दिन बोली की अगर वह उसके साथ चले तो उनकी गरीबी दूर करा देगी। एक दिन बाजार जाने के बहाने उसे एक स्थान पर घर में ले गई। यहां पर उसको एक युवक ने अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद महिला उसे पांच से छह बार अपने साथ लेकर गई। पांच दिन पहले उसकी मां को इस बात की जानकारी हो गई। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो किशोरी की मां चाइल्ड लाइन के कार्यालय पहुंची। चाइल्ड लाइन के नरेंद्र परिहार ने बताया कि काउंसलिंग में किशोरी ने घटना की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के आदेश पर उसे पंचशील आश्रय गृह में रखा गया है। समिति ने मामले में मुकदमा दर्ज करके सख्त कार्रवाई के आदेश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं। बड़े रैकेट का अंदेशा
नरेंद्र परिहार का कहना है कि किशोरी ने काउंसलिंग के दौरान कई बातें बताईं। जिस्मफरोशों के चंगुल में और भी लड़कियां हो सकती हैं। अगर, पुलिस कार्रवाई करती है तो बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।