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शर्त के चक्कर में छात्र ने दांव पर लगाई जिंदगी

Thu, 26 Feb 2015 01:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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शर्त के चक्कर में आठवीं के छात्र ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के कोच की छत पर चढ़ा छात्र ऊपर से गुजर रही ओएचई लाइन के करंट से झुलस गया। 95 फीसदी झुलसे हालत में उसे एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। दोनोें दोस्त भरतपुर से आगरा ताजमहल देखने आए थे।
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भरतपुर के नदवई स्थित ग्राम लुहास निवासी दीवान सिंह ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। उनका 14 वर्षीय बेटा आदर्श कक्षा आठ का छात्र है। गांव के ही 12वीं के छात्र सियाराम से उसकी दोस्ती है। बुधवार सुबह दोनों ने ताजमहल और आगरा किला घूमने का प्लान बनाया। घरवालों को बिना बताए डीएमयू ट्रेन से सुबह तकरीबन 10 बजे कैंट स्टेशन पहुंचे। पैसे कम होने से ताजमहल भी नहीं देख पाए। घर जाने के लिए दोपहर तकरीबन एक बजे कैंट स्टेशन लौटे। स्टेशन की वाशिंग लाइन पर डीएमयू खाली खड़ी हुई थी। ट्रेन शाम को भरतपुर जाती है। आदर्श और सियाराम अंदर बैठ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों में शर्त लगी कि ट्रेन के कोच की छत पर पहले कौन चढ़कर दिखाता है। आदर्श अपने दोस्त से पहले कोच की छत पर चढ़ गया। ऊपर पहुंचते ही ओएचई लाइन के करंट की चपेट में आ गया। झटका लगने के बाद नीचे आ गिरा। यह देखकर सियाराम की चीख निकल गई। लोगों ने आरपीएफ को सूचना दी। इसके बाद आदर्श को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। शाम को पहुंचे परिवारीजन उसे निजी अस्पताल में ले गए।
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... और ताज भी न देख पाया
आदर्श घर से 50 रुपये लेकर निकला था, मगर उसे यह भी नहीं पता था कि ताजमहल का प्रवेश  टिकट कितने रुपये का है। जो रुपये थे वह खाने-पीने में खर्च कर दिए। ताज देखे बिना गेट के पास से लौट आए। किला भी बाहर से ही देखा। आदर्श घर में इकलौता है।
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