सिंथेटिक भी होने की आशंका थी, इस पर 334 किलो पनीर नष्ट करा दिया है। इसकी कीमत 90 हजार रुपये है। जांच के लिए 8 नमूने लैब भेजे हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि गाड़ी पकड़े जाने से पहले विक्रेता कई डेयरी पर पनीर की आपूर्ति कर चुका था। इनकी जानकारी जुटाकर उन डेयरी संचालकों के यहां भी जांच की जाएगी।
पवन डेयरी एंड पनीर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेडिंग का निरस्त होगा लाइसेंस
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय ने बताया कि शुक्रवार को पुरानी मंडी में 10 क्विंटल मिलावटी और घटिया पनीर नष्ट कराया था। इसमें भी मक्खी-मच्छर पड़े थे और बदबू आ रही थी। ये बाह स्थित पवन डेयरी एंड पनीर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेडिंग से आया था। इसका संचालक पवन पचौरी है। पनीर निर्माण पर रोक लगा दी है, लाइसेंस निरस्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते महीने इसके यहां टीम गई थी, जहां पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं, इसकी रिपोर्ट आना बाकी है।
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