आगरा के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को अब आसानी से अवकाश नहीं मिलेगा। न ही वे सिर्फ व्हाट्सएप पर मैसेज डालकर ही छुट्टी पर जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बाकायदा ऑनलाइन आवेदन भी करना होगा, उनका ट्रैक रिकार्ड देखकर ही छुट्टी स्वीकृत होगी, तभी वह जिला छोड़ पाएंगे।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को छुट्टी देने को लेकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी सख्त हैं। वह शिक्षकों के छुट्टी के आवेदन स्वीकृत करने से पहले उनका ट्रैक रिकॉर्ड जांच रहे हैं। जिन शिक्षकों के बताए कारण सही हैं उन्ही के प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जा रहे हैं।
अगस्त में आए लगभग तीन हजार आवेदन
स्थिति यह है कि अगस्त माह में प्राप्त विभिन्न प्रकार की छुट्टियों के तीन हजार से ज्यादा आवेदनों में से उन्होंने सिर्फ 30 से 35 को ही स्वीकृति दी है बाकी को खारिज कर दिया गया।
अपना रहे यह प्रक्रिया
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी नियमित रूप से ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों की मॉनिटरिंग करते हैं, सभी आवेदनों में छुट्टी लेने का कारण देखते हैं, साथ ही वह उक्त शिक्षक द्वारा पिछले दिनों ली गई छुट्टियों को देखते हैं। कारण सही लगने पर ही छुट्टी स्वीकृत की जाती है, अन्यथा की स्थिति में आवेदन निरस्त कर देते हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों को छुट्टी लेने का हक है, लेकिन जिन विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, उनके पास शिक्षा प्राप्ति के अन्य विकल्प नहीं है।