कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने भारत सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की। कहा कि इस आदेश से देशभर के 30 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्यता के आदेश के खिलाफ शिक्षकों में विरोध के स्वर दिखाई दे रहे हैं। आदेश के खिलाफ लामबंद हुए शिक्षक संगठन विरोध प्रदर्शन कर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर के आह्वान पर चल रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को साैंपा।
जिलाध्यक्ष केके शर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में टीईटी अनिवार्यता का आदेश वापस लो के नारे से गूंजते रहे। यूटा के प्रदेश कोषाध्यक्ष वीपी बघेल ने बताया कि इस आदेश से देशभर के 30 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इसमें अधिकांश शिक्षक पिछले पूर्व निर्धारित अर्हता से चयनित होकर विभाग में कार्य कर रहे हैं।
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वर्तमान की अर्हता को मानक बनाकर उन शिक्षकों को सेवा से विरत किए जाने का आदेश न्यायोचित नहीं है। शिक्षकों ने भारत सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री यादवेंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र चाहर, कोषाध्यक्ष अशोक जादौन, आनंद शर्मा, ओमवीर सिंह गुर्जर, हरेंद्र राना, अजब किशोर, निधि श्रीवास्तव,संजीव शर्मा,निधि वर्मा,रेखा वर्मा,अशोक शर्मा मौजूद रहे।