कासगंज। शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच की आंच जिले तक आ पहुंची है। यहां तैनात शिक्षकों का डाटा संग्रहित करने को शैक्षिक प्रमाण पत्र और नियुक्ति पत्र मांगे गए हैं। जिले में तैनात 3050 शिक्षकों में से 15 शिक्षकों ने अभी तक अपने नियुक्ति पत्र की प्रति जमा नहीं की है। इससे शिक्षकों के डाटा तैयार कराने में विभाग को परेशानी हो रही है।
शासन से वर्ष 2010 से नियुक्त शिक्षकों की जांच के आदेश शिक्षा विभाग को दिए गए। आदेश के बाद विभाग ने जब शिक्षकों का रिकार्ड अपने यहां खंगाला तो तमाम शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, नियुक्ति पत्र आदि गायब मिले। पत्रावालियां गायब मिलने से विभाग में खलबली मच गई। इसके बाद विभाग ने जिले में सभी शिक्षकों का कम्प्यूटराइज डाटा वेस तैयार कराने का निर्णय लिया। विभाग ने सभी शिक्षकों के प्रपत्र मांगे। विभाग विकास खंड के आधार पर इनका डाटा फीड करा रहा है। डाटा फीडिंग में सामने आया कि 15 शिक्षकों नें अपने नियुक्ति पत्र जमा नहीं किए।
भेजे जा रहे हैं नोटिस
जिन शिक्षकों ने अपने नियुक्ति पत्र जमा नहीं किए हैं उनको नोटिस भेजे जा रहे हैं। जो शिक्षक अपने नियुक्ति पत्र जमा नहीं किए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी -अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी