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जांच के घेरे में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक

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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्रों के सहारे शिक्षक बनने वालों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शिकायतों के बाद महानिदेशक शिक्षा ने चार बिंदुओं पर जांच कर शिक्षकों की सूची मांगी है। इसमें मुख्य रूप से वे शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने नियुक्ति के बाद अपना पेनकार्ड बदला है। साथ ही उन शिक्षकों की भी जांच की जाएगी, जिन्होंने अपने मूल अभिलेख के स्थान पर द्वितीय प्रति लगाई है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जी नियुक्तियों की शिकायत शासन व विभाग को प्राप्त हो रहीं हैं। महानिदेशक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन विजय किरण आनंद ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि शिक्षकों की चार बिंदुओं पर जांच कर सूची तैयार कर उनको भेजी जाएं। इस सूची में उन शिक्षकों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने नियुक्ति के दौरान हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व बीएड या बीटीसी की मूल प्रति के स्थान पर द्वितीय प्रति लगाई है।
कोषागार से सूची मंगा कराई जाएगी क्रास चेकिंग
महानिदेशक शिक्षा ने बीएसए को निर्देश दिए हैं कि कोषागार से वेतन प्राप्त कर रहे शिक्षकों की सूची मंगा कर उनकी क्रास चेकिंग कराई जाए। इस बात का पता लगाया जाए कि उन शिक्षकों को ही वेतन जारी किया जा रहा है जो वर्तमान में शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
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सत्यापन रिपोर्ट का मैरिट सूची से होगा मिलान
सभी शिक्षकों की सत्यापन रिपोर्ट में लगाए गए अभिलेखों की जांच नियुक्ति के समय तैयार मेरिट में लगाए गए अभिलेखों से की जाएगी। पत्र में कहा गया है कि कुछ लोगों ने मेरिट के लिए तो फर्जी अंकपत्र लगाया था, जबकि सत्यापन में असली। ऐसे में मिलान कराना जरूरी है।
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सूची कराई जा रही तैयार
महानिदेशक का पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र के अनुसार सूची तैयार कराई जाएगी। फिलहाल जांच शुरू की जा रही है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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