मैनपुरी। एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए बर्खास्त शिक्षकों को कोर्ट से राहत मिल गई है। उच्च न्यायालय ने 30 नवंबर को बीएसए द्वारा जारी किए गए आदेश को स्थगित कर दिया है। मंगलवार को बर्खास्त शिक्षकों ने बीएसए को न्यायालय की प्रति सौंप दी।
एसआईटी ने जिले में 78 शिक्षकों के अभिलेखों को फर्जी घोषित किया था। दो वर्ष तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद 30 नवंबर को जिले के 74 शिक्षकों को जिला समिति ने फर्जी मानते हुए बर्खास्त कर दिया था। सभी बर्खास्त शिक्षकों ने इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। मैनपुरी के बर्खास्त शिक्षकों द्वारा दायर याचिका संख्या 19867 पर सुनवाई करते हुए नौ दिसंबर को उच्च न्यायालय की न्यायमूति सरला श्रीवास्तव ने फर्जी शिक्षक मामले की मुख्य याचिका संख्या 13785 के 13 सितंबर 2019 को जारी आदेश से जोड़ते हुए बीएसए के 30 नवंबर के आदेश को स्थिगित कर दिया।
बीएसए का आदेश स्थगित होने से जिले के 74 बर्खास्त शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। याचिका में कहा गया है कि 13 सितंबर के आदेशानुसार शिक्षकों को पूर्व में दिए जाने वाले सभी लाभ दिए जाएं।
बर्खास्त शिक्षकों ने निर्णय की एक प्रति दी है, जो प्रमाणित नहीं है। कल प्रमाणित प्रति देने की बात कही गई है। प्रमाणित प्रति आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। तब तक आगे की कार्रवाई को रोक दिया गया है।
विजय प्रताप सिंह बीएसए