यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से 'गुरुजी' ही बीमार हो गए हैं। फिरोजाबाद जिले में परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए कई शिक्षकों ने कॉलेज और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बीमारी का हवाला देकर अर्जी लगाई है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्र से ड्यूटी कटवाने के लिए खुद को बीमार बता रहे हैं। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाए जा रहे हैं।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं जिले के 91 केंद्रों पर शुरू होंगी। इसमें 80 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में करीब 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब छह सौ शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं।
परीक्षा ड्यूटी का मानदेय कम
परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय बहुत कम है। इसलिए शिक्षक इसमें रुचि नहीं लेते हैं। इस बार सख्ती है तो शिक्षक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से बचने के प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते गर्दन, कंधे, पैर, रीढ़ की हड्डी, हृदय रोग के अलावा परिजनों की गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया जा रहा है।