मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में हो रही शिकायतों के बाद लगातार फर्जी अभिलेखों से शिक्षक नौकरी करते पाए जा रहे हैं। घिरोर विकास खंड में तैनात एक सहायक अध्यापक के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। वह पिछले साल से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहा था। बीएसए ने जिला चयन समिति की संस्तुति के बाद शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है।
विकास खंड घिरोर के प्राथमिक विद्यालय नगला चाहर पर तैनात शिक्षक अवनीश कुमार को सेवा से बाहर कर दिया गया है। शिक्षक अवनीश कुमार की नियुक्ति वर्ष 2014 में 10 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जनपद बुलंदशहर में हुई थी। वर्ष 2023 में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत अवनीश घिरोर के प्राथमिक विद्यालय नगला चाहर में तैनात हो गए थे। छह महीने पहले बीएसए बुलंदशहर ने बीएसए मैनपुरी को पत्र भेजकर जानकारी दी कि अवनीश कुमार का बीटीसी अंकपत्र फर्जी है। बीएसए दीपिका गुप्ता ने इसकी जांच कराई तो राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद ने बताया कि अवनीश ने जिस बीटीसी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाई है वह परिषद में रश्मी यादव के नाम से दर्ज है। बीटीसी प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद बीएसए ने जिला चयन समिति को अवनीश की बर्खास्तगी के लिए फाइल भेजी। जिला चयन समिति की संस्तुति के बाद बीएसए ने अवनीश को सेवा से बाहर कर दिया।
पिछले सात साल में सेवा से बाहर हुए शिक्षक
वर्ष - बर्खास्त शिक्षक
2017- 31
2020- 04
2021- 03
2022- 02
2023- 03
2024- 03
बीएसए बुलंदशहर की जानकारी पर शिक्षक अवनीश कुमार की जांच कराई गई। जांच के दौरान बीटीसी प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। जिला चयन समिति के आदेश के बाद अवनीश को सेवा से बाहर कर दिया गया है।
-दीपिका गुप्ता, बीएसए