आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में नामों की संख्या 8,600 से बढ़कर 16,380 होने पर शिक्षक संघ ने सवाल उठाए हैं। संघ ने अपात्र, दोहराव वाले और अस्तित्वहीन विद्यालयों से जुड़े मतदाताओं के नाम शामिल होने का आरोप लगाते हुए सत्यापन की मांग की है।
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सवाल उठाए हैं। संघ ने मंडलायुक्त, आगरा मंडल के नाम एआरओ राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने सूची में अपात्र, संदिग्ध और अस्तित्वहीन विद्यालयों से जुड़े मतदाताओं के नाम शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरी मतदाता सूची का अभिलेखीय और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
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बताया कि आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 12 जिलों में प्रारंभिक स्तर पर करीब 8,600 मतदाता थे। दावे-आपत्तियों के बाद यह संख्या 10,189 हो गई। जांच में 7,780 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि अंतिम मतदाता सूची में 16,380 शिक्षक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। संघ ने इन आंकड़ों के बीच बड़े अंतर पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है। बताया कि पड़ताल के दौरान किरावली, फतेहाबाद कराहरा, अटूस, डौकी के विद्यालयों में विसंगतियां सामने आई हैं। कुछ लोगों के नाम दो स्थानों पर दर्ज होने और अस्तित्वहीन विद्यालयों के नाम पर मतदाता बनाए जाने की शिकायत भी की गई है। संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में निरस्त किए गए कुछ आवेदनों से जुड़े नाम भी अंतिम सूची में शामिल हो गए।
संघ ने मंडलायुक्त से मांग की है कि पूरी सूची का मौके पर जाकर और अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराया जाए। दोहराव वाले नामों, अपात्र मतदाताओं और अस्तित्वहीन विद्यालयों से जुड़ी प्रविष्टियों की जांच कर उन्हें हटाया जाए। पात्र शिक्षकों के नाम सुरक्षित रखते हुए संशोधित मतदाता सूची की अधिकृत प्रति संघ को उपलब्ध कराई जाए।ज्ञापन देने वालों में मंडलीय अध्यक्ष भीष्म भद्र लवानिया , मंडलीय मंत्री अजय शर्मा, जिला अध्यक्ष विशाल आनंद, जिला मंत्री परवीन शर्मा, उपाध्यक्ष जितिन शर्मा आदि शामिल रहे।