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16 महीने बाद भी शिक्षकों के अभिलेखों की नहीं हुई जांच पूरी

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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में नव नियुक्ति शिक्षकों के अभिलेखों की जांच में लापरवाही की जा रही है। संबंधित बोर्ड जांच के कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते जिले में कार्यरत 265 शिक्षकों के पांच माह के वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। शिक्षक 16 महीने से बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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68500 शिक्षक भर्ती के तहत जिले में सितंबर 2018 में 621 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। शासन के निर्देश के बाद मार्च 2019 में शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया लेकिन नियुक्ति से लेकर फरवरी 2019 तक का वेतन अभी तक लटका हुआ है। साढ़े पांच महीने का वेतन शिक्षकों को एरियर के रूप में दिया जाना है। यह एरियर तभी दिया जाएगा जब शिक्षकों के हाईस्कूल से लेकर स्नातक और प्रशिक्षण के अंकपत्रों और प्रमाणपत्रों की जांच करा ली जाए। अधिकतर शिक्षकों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक पत्रों का सत्यापन हो चुका है। प्रशिक्षण का भी सत्यापन लगभग पूर्ण है लेकिन 265 शिक्षकों के स्नातक अंकपत्रों का अब तक सत्यापन नहीं किया जा सका है।
सितंबर तक लगी हुई है रोक
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को देख रहे लिपिक प्रदीप चौहान का कहना है कि शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन पर शासन ने सितंबर तक रोक लगा रखी है। जिनके सत्यापन अब तक नहीं प्राप्त हुए हैं उनके सितंबर के बाद ही प्राप्त होने की उम्मीद है।
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जिन शिक्षकों के अभिलेखों की ऑनलाइन जांच हो गई थी उनका भुगतान करा दिया गया है। जिनका सत्यापन ऑनलाइन नहीं मिला ,उनका ऑफलाइन कराया गया है। ऑफलाइन सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड को अभिलेख भेजे जा चुके हैं। जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी रुके हुए वेतन का भुगतान करा दिया जाएगा।
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विजय प्रताप सिंह बीएसए
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