दवा कारोबारी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा
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आगरा में दवा माफिया विक्की अरोड़ा की फर्म से की गई नशे की दवाओं की बिक्री का रिकार्ड तलाशा जा रहा है। जहां दवाओं की बिक्री की गई, वहां नोटिस भेजकर जानकारी मांगी जाएगी। औषधि विभाग और पंजाब पुलिस की टीमें यह भी पता कर रही हैं कि विक्की अरोड़ा ने और भी गोदाम तो नहीं बना रखे हैं।
विक्की अरोड़ा के तीन गोदामों पर छापे में एक गोदाम पर ही नशीली दवाएं मिलीं। 11 राज्यों में नशीली दवाएं की आपूर्ति की जा रही थी, करोड़ों रुपये का लेन देन हो रहा था। औषधि विभाग की टीम को उम्मीद है कि नशीली दवाएं कहीं और रख दी गईं।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा के मुताबिक कृष्णा एजेंसी पर 25 कंपनियां हैं, ये सभी जेनेरिक दवाओं की कंपनी है। इनके रिकार्ड देखे जा रहे हैं। दवाएं कहां से मंगाई गईं और कहां बिक्री की गईं। यदि फर्में फर्जी पाई गईं तो फर्जी बिल बनाने पर कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस निरस्त करने की मांग
आगरा मंडल व्यापार संगठन ने शासन-प्रशासन से ड्रग माफियाओं से दवा खरीदने वाले व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। कहा है कि आरोपी व्यापारियों के व उनकी फर्म के नाम प्रकाशित किए जाएं। मांग करने वालों में संस्थापक गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र सिंह, चरणजीत थापर, पवन, विकास मोहन बंसल आदि शामिल रहे।