कासगंज। बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग में एक बड़ी मनमानी सामने आई है। शिक्षा विभाग की लापरवाही से सैकड़ों शिक्षक आयकर चोरी के आरोपी बन गए हैं तो तमाम शिक्षक आय से अधिक कर देने के दायरे में हैं। इस अनियमितताओं को लेकर शिक्षक नेताओं और शिक्षकों में आक्रोश है।
हर साल जुलाई माह में आयकर रिटर्न दाखिल किया जाता है। वर्ष भर की आय के लेखा जोखा के आधार पर आयकर दाता को कर देना होता है। सभी सरकारी कर्मचारियों का आयकर रिटर्न करना अनिवार्य होता है। शिक्षा विभाग के अधीन कार्यकत सभी शिक्षकों को आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय से वेतन संबंधी दस्तावेज लेने होते हैं। इन दस्तावेजों में फार्म 16 और 26 एएस शामिल होते हैं। इन निर्धारित प्रारूप में शिक्षकों के वर्षभर का लेखा जोखा होता है। शिक्षा विभाग ने उन्हें कितना वेतन दिया। कितना एरियर दिया और उन पर कितना आयकर बन रहा है। इस साल भी विभाग ने फार्म 16 और 26 एएस दिए, लेकिन सैकड़ों शिक्षकों का विवरण गलत दर्शा दिया है। जिससे शिक्षक वित्तीय अनियमितता और आयकर चोरी करने के आरोपी बनने के दायरे में आ गए हैं। गलत विवरण से प्रभावित सैकड़ों शिक्षक कर विशेषज्ञों और विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। विभाग की इस लापरवाही से शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। शिक्षक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
शिक्षक संघ ने आज बुलाई बैठक
कासगंज। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर शिक्षक संघ में आक्रोश है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शुभनेश यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने बताया कि गुरुवार को 1 बजे नवाब कन्या तरौरा विद्यालय में शिक्षक संघ की बैठक होगी। जिसमें सभी शिक्षक शामिल हों और अपनी समस्याएं रखें।
आंकड़े की नजर से-
- 500 से अधिक शिक्षकों के विवरण में अब तक सामने आई खामी
- 31 अगस्त तक आयकर रिटर्न कर सकेंगे आयकर दाता।
- विभागीय सीए की अनदेखी से इस तरह की गलती हुई है। जो भी प्रार्थना पत्र मिले है हमने सीए को दे दिए हैं। निर्देश दिए हैं कि इस तरह की खामी दूर कर शिक्षकों की समस्या का समाधान करें। सुरेश चंद्र, लेखाधिकारी।