गोरखपुर के परिषदीय विद्यालय में तैनात एक शिक्षक ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम से फर्जी प्रमाणत्रों का इस्तेमाल कर नौकरी पाई है। बीएड के प्रमाणपत्र में जो रोलनंबर दर्शाया है व किसी अन्य छात्र का है। सत्यापन में भी फर्जीवाड़ा किया गया है। शिक्षक का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है।
विश्वविद्यालय से पूछे जाने पर अधिकारियों ने शिक्षक की ओर से लगाए गए प्रमाणपत्रों की जांच कराई। शिक्षक ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से खुद को सत्र 2004-05 में बीएड दिखाया है।
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जांच में पता चला कि प्रमाणपत्र पर दर्ज रोलनंबर किसी और विद्यार्थी का है। खास बात यह है कि यह रोलनंबर एसआईटी (विशेष जांच दल) की ओर से तैयार फर्जी अभ्यर्थियों की सूची में भी शामिल नहीं है।