कासगंज। जिले में 90 शिक्षकों की सेवा समाप्ति के बाद शिक्षकों में खलबली मची है। मंगलवार को बीआरसी कार्यालयों पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने इन शिक्षकों को उनको नोटिस थमा दिए।
वर्ष 2004-05 में आगरा विश्वविद्यालय से बीएड के फर्जी एवं टेंपर्ड प्रमाण पत्रों से नोकरी करने वाले 90 शिक्षकों की सेवाएं समाप्ति के बाद उनको नोटिस देने की कार्रवाई शुरू हो गई है। बीएसए कार्यालय से शिक्षकों के नोटिस उनके विकास क्षेत्र के बीआरसी कार्यालय भेजे गए। बीआरसी कार्यालय से बर्खास्त शिक्षकों को नोटिस आकर लेने की सूचना भेजी गई। शिक्षक अपने तैनाती विद्यालय न जाकर विकास खंड कार्यालय पहुंच गए। जहां से उनको नोटिस दिए गए।
सितंबर से वेतन जारी होने पर लगी रोक
कासगंज। शिक्षकों की सेवाएं समाप्त होने के साथ ही उनके वेतन जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है। शिक्षकों को अब सितंबर माह से वेतन नहीं दिया जाएगा। वेतन पर रोक लगाने संबंधी आदेश सभी बीआरसी पर भेजे गए ताकि इन शिक्षकों का पेबिल न बने। वित्त एवं लेखाधिकारी को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई।
देर रात तक खुला कार्यालय
कासगंज। शिक्षकों की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया के लिए देर रात तक बीएसए कार्यालय पर कार्य चलता रहा। करीब रात को 11 बजे तक कार्यालय खुला। जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कार्यालय पर बुलाकर शिक्षकों की सेवा समाप्ति से संबंधित नोटिस सौंपे गए ताकि वे इनको शिक्षकों से रिसीव करा सकें।
जिन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त हुई हैं उन्होंने अपने विद्यालय जाना बंद कर दिया है। इन शिक्षकों को नोटिस देकर रिसीविंग ले ली गई है। राजेंद्र बोहरा खंड शिक्षा अधिकारी कासगंज, अमापुर
बर्खास्त शिक्षकों के सितबंर माह से वेतन देने पर रोक लगा दी गई है। शिक्षकों के पेबिल न बनाने के निर्देश सभी बीआरसी को भेज दिए गए। अंजली अग्रवाल बेसिक शिक्षा अधिकारी