लाउंज संचालक अभिषेक परमार ने बताया कि पहले डोसा, इडली, बड़ा, आमलेट, समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, पनीर टिक्का, चाय और अन्य उत्पाद 50 से 100 रुपये के बीच मिल जाते थे। इनकी बिक्री भी सबसे ज्यादा होती थी क्योंकि स्टेशन पर आने वाले ज्यादातर यात्री सस्ता और जल्दी मिलने वाला खाना ही पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। इससे किचन चलाना मुश्किल हो गया है और लागत काफी बढ़ गई है।
ऐसे में कम कीमत वाले उत्पाद रखना घाटे का सौदा साबित हो रहा था। इस वजह से इन्हें बंद करना पड़ा है। वहां मौजूद यात्री नीरज गर्ग, मोहन और मनीष कुमार ने बताया कि काम के सिलसिले में दिल्ली आना-जाना लगा रहता है। पहले स्टेशन पर 50-60 रुपये में चाय व नाश्ता मिल जाता था, जिससे सफर आसान हो जाता था। अब वही चीजें महंगी हो गई हैं या उपलब्ध ही नहीं हैं, जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।