आगरा। फर्जी ई-वे बिल के जरिए आगरा के छोटे व्यापारियों से कबाड़ खरीदकर पंजाब की मंडी में बेचा जा रहा था। बिक्री की रकम को लोगों के दस्तावेजों से खोले गए खातों में मंगाया जा रहा था। इनकम टैक्स और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी करके करोड़ों रुपये कमाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। टैक्स चोरी का खुलासा पुराने मामले की जांच के दौरान हुआ।
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि राज्य कर अधिकारी खंड आठ वीरेंद्र पाल सिंह ने थाना लोहामंडी में 28 नवंबर, 2025 को फर्जी फर्म बनाकर आईटीसी चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में पंजाब की बांके बिहारी ट्रेडर्स नामक फर्म की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो फर्जी ई-वे बिल से टैक्स चोरी करने वाले आगरा के युवकों के गिरोह का पता चला। इस पर पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ताजगंज निवासी अतुल राठौर, मनीष राठौर, विवेक राठौर और मोहित गुप्ता टैक्स चोरी के मामले में लिप्त पाए गए। अतुल राठौर, मनीष राठौर और विवेक राठौर अलग-अलग काम करते हैं। तीनों छोटे कबाड़ियों से कबाड़ खरीदते थे। इनके फर्जी ई-वे बिल बनाकर पंजाब के गोविंदगढ़ स्क्रैप मंडी पहुंचाते थे। इनके पूरे रास्ते में जीएसटी विभाग के दलाल की भूमिका रहती थी। उसकी सेटिंग के कारण माल और बिल कहीं पकड़े नहीं जाते थे। आरोपियों का नेटवर्क यूपी, हरियाणा और पंजाब समेत तीन राज्यों में फैला हुआ था।
माल पहुंचाने के बाद बिक्री की रकम को लेने और वैध करने का काम मोहित का था। वह लोगों से दस्तावेज लेकर चालू खाते खुलवाता था। फर्जी फर्म बनाकर लेन-देन दिखाकर रकम को वैध बनाता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। तीनों आरोपियों को इनकम टैक्स और जीएसटी चोरी का तरीका मोहित ही बताता था। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि करोड़ों की टैक्स चोरी की जांच में जीएसटी अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरओ के पानी की सप्लाई
करते थे, बन गए करोड़पति
आगरा। जांच में सामने आया कि आरोपी दो साल पहले तक घरों में आरओ के पानी की बोतलें सप्लाई करते थे। दो साल में आरोपियों ने करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की। अब लग्जरी कारों में घूमते थे और लाखों रुपये प्रॉपर्टी में निवेश कर रखा था। पुलिस मोहित अग्रवाल द्वारा खुलवाए खातों के बारे में पता कर रही है। जानकारी होने पर ही स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने अब तक कितने करोड़ की टैक्स चोरी की है। मामले में चारों पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।