आगरा में थाना जगनेर के गांव वरिगवां में ढाई साल का मासूम तंत्र-मंत्र की बलि चढ़ गया। घर के बाहर से खलने के दौरान बच्चे का अपहरण कर लिया गया। घरवालों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन बच्चे का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पूरी घटना बताई।
हुकम सिंह ने बताया कि वह गांव के ही रहने वाले रामअवतार की तीन बीघा जमीन पर भी उसकी नजर थी। रामअवतार दूसरे गांव से आकर वरिगवां में बस गया है। इसलिए वह चाहता था कि किसी भी तरह रामअवतार ये गांव छोड़कर अपने गांव वापस चला जाए और उसकी जमीन पर वह कब्जा कर ले। कुछ समय पहले ही हुकम सिंह ने रामअवतार को गोद में ढ़ाई साल के रितिक को ले जाते हुए देखा, जिसके बाद उसके दिमाग में आया कि यदि वह रामअवतार के बेटे की बलि दे देता है, तो देवी भी प्रसन्न हो जाएंगी और रामअवतार भी पुत्र के दुख से गांव छोड़कर चला जाएगा।
इसके बाद तांत्रिक हुकम सिंह ने रामअवतार पर नजर रखना शुरू कर दिया। 15 जून को जब रामअवतार के बेटा कुए के पास अकेले खेल रहा था, तो उसने बच्चे को उठा लिया। मंदिर के पास ट्यूवेल की कोठरी में ले जाकर बच्चे की हत्या कर दी और फिर बच्चे की लाश को देवी के चरणों में अर्पित कर दिया। इसके बाद किसी को शक ने हो इसके लिए बच्चे की लाश को प्लास्टिक की बोरी में बंद कर नदी में जाकर फेंक दिया। लाश फेंकने के बाद प्लास्टिक की बोरी निकाल दी, जिससे बच्चे की लाश को जानवर खा लें और किसी को इस घटना की जानकारी न हो सके।
बच्चे को उठाकर ले जाते हुए गांव के ही शेरु उर्फ प्रदीप ने देख लिया था। इसलिए शेरु को धमकी दी थी कि अगर पुलिस को या किसी को कुछ बताया तो उसकी भी बलि चढ़ा देगा, लेकिन शेरू उर्फ प्रदीप ने पुलिस को सबकुछ बता दिया। जिसके बाद पुलिस उसके पीछे पड़ गई। पुलिस से बचने के लिए वह कई दिनों तक खेतों में छिपकर रहा रहा था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।