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Agra: तंत्र-मंत्र की बलि चढ़ा ढाई साल का मासूम, तांत्रिक ने की हत्या, नदी से बरामद हुआ शव

Tue, 28 Jun 2022 01:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा जिले में एक तांत्रिक ने ढाई साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी। तांत्रिक ने अपनी तंत्र-मंत्र विद्या को सफल बनाने और मृतक के पिता की जमीन हथियाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।

 
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पुलिस हिरासत में आरोपी तांत्रिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में थाना जगनेर के गांव वरिगवां में ढाई साल का मासूम तंत्र-मंत्र की बलि चढ़ गया। घर के बाहर से खलने के दौरान बच्चे का अपहरण कर लिया गया। घरवालों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन बच्चे का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पूरी घटना बताई।

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पुलिस हिरासत में आए आरोपी ने अपना नाम हुकम सिंह उर्फ भोला पुत्र कैलाशी निवासी ग्राम वरिगंवा बुजुर्ग थाना जगनेर बताया। उसने बताया कि वह देवी माता का पुजारी है। देवी उससे प्रसन्न रहती हैं और उस पर सवार हो जाती हैं। ऐसे में जो भी लोग उसके पास मदद के लिए आते हैं, देवी की कृपा से उनके काम पूरे हो जाते हैं। वह तंत्र-मंत्र से लोगों की बीमारियां भी ठीक कर देता है। लेकिन कुछ समय से उसके तंत्र-मंत्र का असर कम होने लगा था। क्योंकि देवी उससे रूठ गई थीं। देवी  को प्रसन्न करने के लिए उसे बच्चे की बलि देनी थी। 

जमीन का था लालच 

हुकम सिंह ने बताया कि वह गांव के ही रहने वाले रामअवतार की तीन बीघा जमीन पर भी उसकी नजर थी। रामअवतार दूसरे गांव से आकर वरिगवां में बस गया है। इसलिए वह चाहता था कि किसी भी तरह रामअवतार ये गांव छोड़कर अपने गांव वापस चला जाए और उसकी जमीन पर वह कब्जा कर ले। कुछ समय पहले ही हुकम सिंह ने रामअवतार को गोद में ढ़ाई साल के रितिक को ले जाते हुए देखा, जिसके बाद उसके दिमाग में आया कि यदि वह रामअवतार के बेटे की बलि दे देता है, तो देवी भी प्रसन्न हो जाएंगी और  रामअवतार भी पुत्र के दुख से गांव छोड़कर चला जाएगा।

कोठरी में ले जाकर की हत्या 

इसके बाद तांत्रिक हुकम सिंह ने रामअवतार पर नजर रखना शुरू कर दिया। 15 जून को जब रामअवतार के बेटा कुए के पास अकेले खेल रहा था, तो उसने बच्चे को उठा लिया। मंदिर के पास ट्यूवेल की कोठरी में ले जाकर बच्चे की हत्या कर दी और फिर बच्चे की लाश को  देवी के चरणों में अर्पित कर दिया। इसके बाद किसी को शक ने हो इसके लिए बच्चे की लाश को  प्लास्टिक की बोरी में बंद कर नदी में जाकर फेंक दिया। लाश फेंकने के बाद प्लास्टिक की बोरी निकाल दी, जिससे बच्चे की लाश को जानवर खा लें और किसी को इस घटना की जानकारी न हो सके।

गांव के युवक ने देखा था बच्चे को ले जाते हुए 

बच्चे को उठाकर ले जाते हुए गांव के ही शेरु उर्फ प्रदीप ने देख लिया था। इसलिए शेरु को धमकी दी थी कि अगर पुलिस को या किसी को कुछ बताया तो उसकी भी बलि चढ़ा देगा, लेकिन शेरू उर्फ प्रदीप ने पुलिस को सबकुछ बता दिया। जिसके बाद पुलिस उसके पीछे पड़ गई। पुलिस से बचने के लिए वह कई दिनों तक खेतों में छिपकर रहा रहा था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। 

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