तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में ट्रॉली बैग में मिले मानव अंगों का रविवार को डॉक्टरों और फोरेंसिक वैज्ञानिकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें क्रूरता से हत्या की बात सामने आई है। हत्या के बाद शव को कटर से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बैग में भरा गया। पहचान छिपाने के लिए तेजाब भी उड़ेला गया। एक पैर और पसली के 12 टुकड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, अंगों से साफ नहीं हो सका है कि मृतक महिला थी या पुरुष।
तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में 5 अगस्त की सुबह लावारिस बैग मिला था। यात्री ने जीआरपी को सूचना दी थी। आगरा कैंट स्टेशन पर बैग में मानव अंग मिले थे। जीआरपी ने अंगों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। वहीं पुलिस टीम चेन्नई रवाना की गई थी। चेन्नई स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक और युवती नजर आए थे। उनके पास ट्रॉली बैग था। यह ट्रेन में लावारिस मिले ट्रॉली बैग जैसा था। उनकी तलाश की जा रही है। इसके लिए चेन्नई पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
रविवार को 72 घंटे पूरे होने पर डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटा गया। बैग में मिले अंगों में पैर और छाती के 12 टुकड़े हैं। यह किसी कटर से काटे गए। बरामद अंग शरीर का एक तिहाई हिस्सा हैं। इससे आशंका है कि पॉलिथीन में टुकड़ों को रखने के बाद तीन अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया होगा। पहचान न हो जाए, उसके लिए तेजाब भी डाल दिया गया। जननांग न होने के कारण यह पता नहीं चला है कि मृतक महिला है या फिर पुरुष। फोरेंसिक टीम ने डीएनए सैंपल लिया है, जिससे परिजन के दावा करने पर जांच कराई जा सके।
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित के मुताबिक, ट्रॉली बैग को किसने और कहां से रखा? इसकी जानकारी के लिए टीम लगी है। मृतक की पहचान के भी प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक कहीं और मानव अंग मिलने की खबर नहीं मिली है।