किरावली। कीठम-भांडई तीसरी रेल लाइन के निर्माण के कारण बंद हुए चकमार्ग संख्या 24 पर पुल की मांग के लिए किसानों का आंदोलन और तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक भी बेनतीजा रही।
गांव नागर के किसान 11 नवंबर 2025 से बेमियादी धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि चकमार्ग बंद होने से उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए 4-5 गुना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। बैठक में रेलवे विकास निगम के अधिकारियों ने रेल लाइन के दोनों ओर पक्का मार्ग और फेंसिंग बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह और आंदोलनकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि उन्हें पुल के अलावा कोई दूसरा विकल्प मंजूर नहीं है। 170 दिनों से चल रहा किसानों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। मामले में उपजिलाधिकारी, किरावली दिव्या सिंह ने बताया किसानों और रेलवे अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई। किसान पुल निर्माण की मांग पर अड़े हैं, जबकि रेलवे प्रशासन सड़क बनाने का विकल्प दे रहा है। आपसी सहमति न बन पाने के कारण वार्ता विफल रही। बैठक में तहसीलदार दीपांकर, रेलवे विकास निगम के डिप्टी जीएम पीके शर्मा, गंगाराम माहौर, भूपेंद्र इंदौलिया आदि किसान माैजूद रहे।