आगरा में मुहर्रम की सातवीं तारीख पर रविवार को कटरा दबकैय्यान स्थित पाय चौकी के इमामबाड़े में ऐतिहासिक फूलों का ताजिया रखा जाएगा। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर ताजिए रख दिए जाएंगे। तीन दिन तक इनकी जियारत होगी। दूसरी ओर, शाहगंज से अलम का जुलूस निकाला जाएगा। छुरी, कमा का मातम होगा।
पाय चौकी स्थित इमामबाड़े में शाम सात बजे फूलों का ताजिया रखा जाएगा। यह रवायत 350 से अधिक वर्षों से चल रही है। इसी ताजिये को रखे जाने के बाद अन्य स्थानों में ताजियेदारी की जाती है। इसकी जियारत करने के लिए दूरदराज से लोग पहुंचते हैं। यहां कर्बला की झांकी सहित अन्य ताजिए भी रखे जाते हैं।
मुहर्रम की दसवीं को फूलों का ताजिया उठने के बाद अन्य ताजियों के जुलूस शुरू होते हैं। इसके बाद इन्हें कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है। दूसरी ओर, अंजुमन ए पंजेतनी की ओर से अलम का जुलूस पुराना इमामबाड़ा, शाहगंज से निकाला जाएगा। यह जुलूस इलाके में भ्रमण करने के बाद पुराने इमामबाड़े पर समाप्त होगा। अंजुमन के अमीर अहमद एडवोकेट ने बताया कि जुलूस में अंजुमन नौहाख्वानी और सीनाजनी करेंगी। कमा और जंजीर का मातम मनाया जाएगा। इसके पहले इमामबाड़े पर मजलिस-ए-अजा होगी, जिसे मौलाना अजादार हुसैन (लखनऊ वाले) खिताब फरमाएंगे।